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कार्तिक पूर्णिमा: श्रद्धालुओं ने यमुना में लगाई आस्था की डुबकी

Thu, 26 Nov 2015 01:48 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला आगरा
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कार्तिक पूर्णिमा की पवित्र बेला पर बटेश्वर तीर्थ में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने यमुना में स्नान किया। हर-हर बम-बम के जयघोष के साथ ब्रह्मलाल जी मंदिर में दर्शन पूजन किया। बुधवार को सुबह से शाम तक धार्मिक अनुष्ठानों का दौर चलता रहा।
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एक दिन पूर्व मंगलवार को बटेश्वर में कार्तिक पूर्णिमा पर्व के पवित्र स्नान के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। भीड़ का दबाव देख मध्यरात्रि को ब्रह्मलाल जी मंदिर के पट खोलने पड़े। पट खुलते ही यमुना में स्नान का दौर शुरू हुआ। इसके साथ ही मेले में धार्मिक आयोजनों का दौर शुरू हो गया, जो बुधवार देरशाम तक जारी रहा। विभिन्न शिव मंदिरों में धार्मिक अनुष्ठानों के बाद भंडारों का आयोजन किया गया। पर्व स्नान के लिए उमड़ी भीड़ के संबंध में मंदिर महंत जय प्रकाश गोस्वामी ने बताया कि भीड़ तीन लाख के आसपास रही होगी। पुलिस अधिकारियों ने भी ढाई से तीन लाख की भीड़ होने का अनुमान जताया है।
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गोताखोरों ने छह को डूबने से बचाया
यमुना में स्नान के दौरान मुरैना के पोरसा निवासी रमेश और हाकिम को गोताखोरों ने डूबने से बचाया। इटावा के लालमनि, राजाखेड़ा के सोमेंदर, सिरसागंज के माधौ सिंह, इकदिल की सरोज को 45वीं वाहिनी पीएसी के गोताखोरों ने बचा लिया। इस बार घाट पर फव्वारे नहीं चलाने से महिलाओं को शर्मसार होना पड़ा।
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पुलिस ने जाम खुलवाने को फटकारी लाठियां
मेले में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए खांद और बटेश्वर के बीच कई बार जाम लगा। इसे पुलिस ने लाठियां फटकार कर खुलवाया। बडे़ वाहनों को खांद पर रोके जाने से श्रद्धालुओं को ढाई किमी पैदल चलना पड़ा। साइकिल स्टैंड पर अवैध वसूली को लेकर श्रद्धालुओं में रोष व्याप्त रहा। कई श्रद्धालुओं के साथ हाथापाई भी हुई। ब्रह्मलाल जी मंदिर में पूजन के दौरान महिला-पुरुष पुलिसकर्मी मुस्तैद रहे। सीसीटीवी कैमरे की मदद से जेब काटने और चेन स्नेचिंग करते अपराधी पकडे़ गये।
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नागा साधुओं ने किया दूसरा शाही स्नान
बाह। बुधवार को बटेश्वर मेले में महामंडेश्वर बाबा बालकदास की अगुआई में नागाओं और साधु संतों ने दूसरा शाही स्नान कर ब्रह्मलाल जी मंदिर में पूजा की। सुबह आठ बजे सप्तकोसीय परिक्रमा कर विभिन्न देवालयों में मत्था टेका। परिक्रमा मार्ग पर साधु संतों ने अस्त्र शस्त्रों के साथ तांडव नृत्य किया। इसे देखने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ जमा हो गई। वृंदावन से आये सखी बाबा, गीता, मीरा, गोपी ने अपने मन मोहक नृत्य से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। दोपहर में नागाओं ने मुख्य घाट पर जाकर शाही स्नान किया। बाद में महामंडलेश्वर बाबा बालकदास ने यमुना के मैले पानी को लेकर नाराजगी जताई। परिक्रमा मार्ग पर पुलिस प्रशासन ने चाक चौबंद इंतजाम किये। विभिन्न अखाड़ों में पांचवें महाकुंभ की स्थापना के लिए आयोजित शाही स्नान से पहले नागा साधुओं का स्वागत किया गया।
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