मंदिर से जुड़े सेवायत गोस्वामी बताते हैं कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, बिहार पंचमी और राधा अष्टमी जैसे पर्वों पर मंदिर में फल, वस्त्र, मिष्ठान, खिलौने, पैसे लुटाने की परंपरा है, लेकिन आम दिनों में ऐसा देखने को नहीं मिलता है। एएसपी/सीओ सदर कुंवर आकाश सिंह का कहना है कि वायरल वीडियो की जांच की जा रही है। जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के तहत कार्रवाई की जाएगी।
ऐसे होगी भीड़ नियंत्रित, पुलिस के सामने लुटे नोट, बनी मूकदर्शक
बांकेबिहारी मंदिर में भीड़ को नियंत्रण करने को लेकर योगी सरकार काफी गंभीर है। इसी के चलते कुछ दिन पहले ही मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह और डीजीपी प्रशांत कुमार तक वृंदावन आए। यहां भीड़ नियंत्रण के लिए पूरा निरीक्षण किया। अब सवाल खड़ा होता है कि नोट लुटाते हुए भगदड़ मच जाती तो इसका जिम्मेदार कौन होता। जबकि पुलिस और मंदिर प्रशासन के गार्ड हर समय मंदिर में मुस्तैद नजर आते हैं। इनमें से किसी ने भी गोस्वामी को नोट लुटाने के लिए रोकने की जहमत तक नहीं उठाई। अगर जल्द ही ऐसी प्रथा पर रोक नहीं लगाई गई तो बड़ा हादसा होने से कोई नहीं रोक सकता। पुलिस प्रशासन को इस मामले को गंभीरता से लेना होगा।