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ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन से ठाकुर बांकेबिहारी के दर्शन कराने को मंदिर प्रबंधन नहीं है तैयार

Fri, 23 Oct 2020 12:14 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वृंदावन (मथुरा)

सार

  • बांकेबिहारी मंदिर प्रबंधन ने सिविल जज के न्यायालय में पत्र देकर रखा अपना पक्ष, पुलिस और प्रशासन कर रहे व्यवस्था बनाने पर मंथन
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बांकेबिहारी मंदिर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वृंदावन के ठाकुर श्रीबांकेबिहारी मंदिर में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के बाद दर्शन कराने की व्यवस्था से मंदिर प्रबंधन ने हाथ खड़े कर दिया है। प्रबंधन का कहना है कि यह संभव नहीं है। मंदिर प्रबंधन ने सिविल जज जूनियर डिवीजन को पत्र देकर अपना पक्ष रखा है। 

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प्रशासन और पुलिस अधिकारी मंदिर प्रबंधन के साथ बैठक कर शीघ्र मंदिर खोलने की व्यवस्था पर मंथन कर रहे हैं, लेकिन मंदिर प्रबंधक का कहना है कि पहले के आयोजनों की तरह कोर्ट, प्रशासन और पुलिस दर्शन की व्यवस्था बनाए। 


17 अक्तूबर से भक्तों के लिए मंदिर के पट खुलने की जानकारी पाकर करीब 20 हजार भक्त आराध्य के दर्शन करने पहुंचे थे। व्यवस्था की गई थी कि ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के बाद ही एक दिन में 400 लोग दर्शन करेंगे। 

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पहले दिन ही टूटे थे नियम कायदे

पहले ही दिन नियम टूट गए तो मंदिर 19 अक्तूबर से बंद कर दिया गया। 19 अक्तूबर को ही मंदिर के प्रबंधक मुनीश शर्मा ने सिविल जज जूनियर डिवीजन को पत्र लिखा, जिसमें स्पष्ट किया कि वेबसाइट के ठीक से काम न कर पाने के कारण ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था से दर्शन संभव नहीं है। 

इसलिए इस व्यवस्था में छूट दी जानी चाहिए। मंदिर के आसपास की गलियां काफी सकरी हैं, इसलिए न्यायालय, जिला प्रशासन और पुलिस दर्शन की ऐसी व्यवस्था बनाए, जिससे गृह मंत्रालय की गाइड लाइन का पालन हो सके। 
प्रबंधक ने पत्र में लिखा है कि पूर्व में भी पुलिस-प्रशासन के सहयोग से मंदिर के विशेष त्योहारों पर व्यवस्था की जाती रही है। ब्रज के अन्य मंदिरों में भी बिना ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के प्रशासन के सहयोग से गाइडलाइन के अनुसार दर्शन हो रहे हैं। 

इसलिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन आदि नियमों में छूट देकर बांकेबिहारी मंदिर श्रद्धालुओं के लिए खोला जाए। प्रबंधक ने बताया कि बांकेबिहारी मंदिर खोलने के लिए कोर्ट को पत्र लिखा है, कोर्ट के आदेश का इंतजार है।
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