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बैंक कर्मियों की हड़ताल: आगरा में रुका 150 करोड़ रुपये का लेनदेन, नकदी के लिए ग्राहक हुए परेशान

Thu, 16 Dec 2021 10:09 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, आगरा

सार

दो दिन की बैंक हड़ताल के कारण एटीएम पर दबाव बढ़ गया, जिससे शहर के सभी एटीएम खाली हो गए। लोग नकदी के लिए परेशान रहे। वहीं बैंक कर्मियों की हड़ताल से शहर में करीब 150 करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित हुआ है। 
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कई एटीएम भी रहे बंद - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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प्रस्तावित बैंकिंग कानून संशोधन विधेयक के खिलाफ यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस के बैनर तले बैंक कर्मचारियों ने बृहस्पतिवार को दो दिन की हड़ताल शुरू कर दी। आगरा के संजय प्लेस स्थित एलआईसी बिल्डिंग पर बैंक कर्मचारियों ने सरकार विरोधी प्रदर्शन किया और बैंकों का निजीकरण रोकने की मांग की। हड़ताल से शहर में 150 करोड़ रुपये का लेनदेन ठप हो गया। शुक्रवार को भी बैंकों में हड़ताल रहेगी। 

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बैंक कर्मचारियों की हड़ताल में शामिल हुए यूनाइटेड फोरम के मदन मोहन राय ने कहा कि सरकार निजीकरण पर अड़ी है, जबकि आम लोगों की पूंजी बैंकों में जमा है। सरकार बैंकों में 51 फीसदी से घटाकर अपनी हिस्सेदारी 26 फीसदी पर लाना चाहती है। यह निजीकरण आम लोगों की जमा पूंजी पर खतरा बन जाएगा। 
बैंक कर्मियों ने किया प्रदर्शन 
फोरम ने देश के उन उद्योगपतियों पर बकाया एनपीए की सूची जारी की, जिनसे पैसा वसूलने पर बैंकों की समस्याएं दूर हो सकती हैं। हड़ताल के पहले दिन बैंक कर्मचारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। वहीं केनरा बैंक कर्मचारियों ने क्षेत्रीय कार्यालय पर भी विरोध प्रदर्शन कर निजीकरण रोकने की मांग की। प्रदर्शन में पंकज शर्मा, सौरभ शर्मा, सागर गुजराती, मयंक सिंह, योगेश शर्मा, प्रवीण कुमार सिंह, अमित यादव, सुनील शर्मा आदि शामिल रहे। 

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हड़ताल के दौरान प्रदर्शन करते बैंक कर्मी - फोटो : अमर उजाला
अभी दो दिन की है हड़ताल
यूएफबीयू के संयोजक गजेंद्र सिंह ने बताया कि अभी तो दो दिनों की हड़ताल की है। सरकार जनविरोधी नीति पर अड़ी रही तो यूनाइटेड फोरम इस हड़ताल को आगे बढ़ाने पर विचार करेगी। 

यूनाइटेड फोरम के सुरेश बाबू ने कहा कि बैंक कर्मचारी अपना वेतन कटवा कर हड़ताल कर रहे हैं। यह आंदोलन लोगों की जमा पूंजी बचाने का है। बैंक बचाओ, देश बचाओ के नारे के साथ हमारे ग्राहक भी साथ खड़े हों। 

शैलेंद्र झा ने कहा कि सरकार बड़े औद्योगिक ग्रुपों से एनपीए वसूल नहीं पा रही। उसकी भरपाई के लिए ऐसे ऐसे निजीकरण और शेयर हिस्सेदारी घटा रही है। इससे बैंकिंग सेक्टर बुरी तरह से प्रभावित हो जाएगा, यह संशोधन रुकना चाहिए। 

बैंक ग्राहक राखी ने कहा कि एटीएम खराब पड़े हैं। छह एटीएम पहुंची, लेकिन एक भी काम नहीं कर रहा, तब मैने पेटीएम करके दुकानदार से कैश ले लिया। बैंक हड़ताल है तो आउटसोर्सिंग पर चलने वाले एटीएम क्यों बंद किए गए। 
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दुकानदारों को पेटीएम, बदले में ली नगदी
दो दिन की बैंक हड़ताल के कारण एटीएम पर दबाव बढ़ गया तो दोपहर में ही संजय प्लेस, कमला नगर, सदर बाजार, सिकंदरा बोदला रोड के एटीएम खाली हो गए। एटीएम पर दोपहर में ही नो कैश के बोर्ड लगा दिए गए। बोदला सिकंदरा रोड पर करगिल पेट्रोल पंप के पास 8 बैंकों के एटीएम हैं, लेकिन इनमें से केवल दो में ही नगदी निकल पाई। 

छह खाली और खराब एटीएम मिले तो पूरा दबाव दो एटीएम पर ही आ गया, जिस पर नकदी निकालने वालों की कतार लग गई। ऐसे में कई युवाओं ने दुकानों पर जाकर पेटीएम किया और बदले में दुकानदार दो से पांच हजार रुपये तक कैश ले लिए। बैंक बंद होने के कारण ज्यादा नकदी दुकानों पर रखने या साथ ले जाने का खतरा न उठाते हुए व्यापारियों ने फोन पे, गूगल पे और पेटीएम से पैसे लेकर बदले में नकद धनराशि दे दी। 
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