हड़ताल के दौरान प्रदर्शन करते बैंक कर्मी
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अभी दो दिन की है हड़ताल
यूएफबीयू के संयोजक गजेंद्र सिंह ने बताया कि अभी तो दो दिनों की हड़ताल की है। सरकार जनविरोधी नीति पर अड़ी रही तो यूनाइटेड फोरम इस हड़ताल को आगे बढ़ाने पर विचार करेगी।
यूनाइटेड फोरम के सुरेश बाबू ने कहा कि बैंक कर्मचारी अपना वेतन कटवा कर हड़ताल कर रहे हैं। यह आंदोलन लोगों की जमा पूंजी बचाने का है। बैंक बचाओ, देश बचाओ के नारे के साथ हमारे ग्राहक भी साथ खड़े हों।
शैलेंद्र झा ने कहा कि सरकार बड़े औद्योगिक ग्रुपों से एनपीए वसूल नहीं पा रही। उसकी भरपाई के लिए ऐसे ऐसे निजीकरण और शेयर हिस्सेदारी घटा रही है। इससे बैंकिंग सेक्टर बुरी तरह से प्रभावित हो जाएगा, यह संशोधन रुकना चाहिए।
बैंक ग्राहक राखी ने कहा कि एटीएम खराब पड़े हैं। छह एटीएम पहुंची, लेकिन एक भी काम नहीं कर रहा, तब मैने पेटीएम करके दुकानदार से कैश ले लिया। बैंक हड़ताल है तो आउटसोर्सिंग पर चलने वाले एटीएम क्यों बंद किए गए।
दुकानदारों को पेटीएम, बदले में ली नगदी
दो दिन की बैंक हड़ताल के कारण एटीएम पर दबाव बढ़ गया तो दोपहर में ही संजय प्लेस, कमला नगर, सदर बाजार, सिकंदरा बोदला रोड के एटीएम खाली हो गए। एटीएम पर दोपहर में ही नो कैश के बोर्ड लगा दिए गए। बोदला सिकंदरा रोड पर करगिल पेट्रोल पंप के पास 8 बैंकों के एटीएम हैं, लेकिन इनमें से केवल दो में ही नगदी निकल पाई।
छह खाली और खराब एटीएम मिले तो पूरा दबाव दो एटीएम पर ही आ गया, जिस पर नकदी निकालने वालों की कतार लग गई। ऐसे में कई युवाओं ने दुकानों पर जाकर पेटीएम किया और बदले में दुकानदार दो से पांच हजार रुपये तक कैश ले लिए। बैंक बंद होने के कारण ज्यादा नकदी दुकानों पर रखने या साथ ले जाने का खतरा न उठाते हुए व्यापारियों ने फोन पे, गूगल पे और पेटीएम से पैसे लेकर बदले में नकद धनराशि दे दी।