कासगंज। कोतवाली क्षेत्र स्थित आवास विकास कॉलोनी में किराए पर रह रहे एक बैंक कर्मी ने फंदे से लटक कर जान दे दी। सुबह पुलिस ने कमरे का दरवाजा तोड़कर उसका शव नीचे उतारा। मृतक की पत्नी व परिजन भी मौके पर पहुंच गए। पत्नी ने बैंक अधिकारियों पर उसके पति को प्रताड़ित करने के आरोप लगाए हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
दिल्ली के रोहिणी निवासी आकाश (32) पुत्र जितेंद्र सिंह मानपुर नगरिया स्थित एसबीआई बैंक में क्रेडिट मैनेजर के पद पर तैनात थे। वह अपनी पत्नी भावना व बेटी मिष्ठी के साथ आवास विकास कॉलोनी में अजीत सिंह के मकान में किराए पर रह रहे थे। तीन जनवरी शुक्रवार को उनकी पत्नी अपने घर चली गई थीं। सोमवार की सुबह आठ बजे पत्नी भावना ने आकाश को फोन किया तो फोन नहीं उठा। इस पर भावना ने मकान मालिक को जानकारी दी।
मकान मालिक ने आकाश का कमरा खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने कमरा नहीं खोला। उन्होंने खिड़की में झांक कर देखा तो आकाश फंदे पर झूल रहे थे। इसकी जानकारी आकाश की पत्नी और परिजनों को दी गई। सूचना मिलने पर सीओ सिटी आंचल चौहान भी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंच गई। दरवाजा तोड़कर उनके शव को फंदे से उतारा गया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। परिजन भी मौके पर आ गए। पत्नी भावना ने बताया कि उनके पति एसबीआई बैंक मानपुर नगरिया में फील्ड ऑफिसर पद पर तैनात थे। 2024 जुलाई में कासगंज ट्रांसफर हुआ था। बैंक के काम का दबाव रहता था। रविवार की भी छुट्टी नहीं देते थे। 25 दिसंबर को भी बैंक वालों ने बुलाया था। इसी बात को लेकर वह डिप्रेशन में रहते थे। आकाश के पिता देहरादून में सीआरपीएफ दरोगा के पद पर तैनात हैं। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। सीओ सिटी आंचल चौहान ने बताया कि अभी तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।