सदर के सुरेश अग्रवाल के मोबाइल पर मैसेज आया कि उनके क्रेडिट कार्ड से 90 हजार की शॉपिंग की गई है। उनके पैरों तले जमीन खिसक गई क्योंकि कार्ड उनके पर्स में था और उन्होंने एक रुपये का भी सामान इससे नहीं खरीदा था। लेकिन उन्होंने समझदारी दिखाते हुए साइबर सेल को तुरंत सूचना दी। नतीजा यह हुआ कि उनके बैंक एकाउंट से निकला पूरा पैसा जाने से बच गया। इसकी शर्त यह है कि शिकायत 24 घंटे के भीतर होनी चाहिए।
साइबर सेल इसी तरह 30 लाख रुपये खातों में वापस करा चुकी है। अगर आपके साथ कभी ऐसा फ्रॉड हो जाए तो आपको 0562-2210551 नंबर डायल करना होगा। यह साइबर सेल का है। 0562 आगरा का एसटीडी कोड है। सुरेश अग्रवाल के अलावा शाहगंज के बच्चू सिंह ने भी यही किया।
जैसे ही पता चला कि उनके खाते से ऑनलाइन शॉपिंग की गई है, उन्होंने साइबर सेल को सूचना दी। 24,512 रुपये बचा लिए। साइबर अपराधी बड़ी सफाई से आपसे आपका बैंक एकाउंट नंबर, क्रेटिड कार्ड और एटीएम नंबर और पासवर्ड जान लेते हैं। इसके बाद ऑनलाइन शॉपिंग कर लेते हैं। हर महीने ऐसे 30-40 मामले सामने आ रहे हैं।
सदर की समिता ने 42,000 और पाल सिंह ने 32,544 रुपये जाने से बचाए हैं। शाहगंज के आशीष शर्मा, ताजगंज के अमनदीप, न्यू आगरा के प्रमोद, हरीपर्वत के रंजन सक्सेना, पुलिस लाइन के सुभाष चंद, बोदला के विशाल, सिकंदरा के रमेश उपाध्याय भी ऐसे समझदार लोगों में शामिल हैं।
ट्रांजेक्शन रुकवाकर बचाते हैं फ्रॉड से
आगरा। साइबर सेल के अधिकारियों ने बताया कि अगर किसी के एटीएम कार्ड से कैश निकाला गया हो या किसी के बैंक एकाउंट में चेक या कैश जमा करा दिया गया हो तो उसे वापस नहीं लाया जा सकता है। लेकिन अगर फ्रॉड करके कार्ड से शापिंग की गई है तो जिस कंपनी के ई-वालेट से पेमेंट होना है, उससे ट्रांजेक्शन रुकवा देते हैं लेकिन यह सिर्फ 24 घंटे के भीतर ही हो सकता है।