अगर आगरा के बाशिंदों और प्रशासन की पैरवी मजबूत रही तो आगरा के दो अन्य स्मारक भी यूनेस्को की विश्व दाय इमारतों में शामिल हो जाएंगे। छह से नौ मार्च तक होटल जेपी पैलेस एंड कन्वेंशन सेंटर में यूनेस्को के पांच शीर्ष अधिकारियों के साथ वर्ल्ड हेरीटेज कमेटी के पदाधिकारी, करीब डेढ़ दर्जन देशों के राजदूत, आर्कियोलॉजी विभाग के अधिकारियों का सेमिनार होगा।
सेमिनार में विश्व दाय स्मारकों की मौजूदा स्थिति और नए प्रस्तावित स्मारकों पर चर्चा होगी। माना जा रहा है बेबी ताज के नाम से मशहूर एत्माद्दौला का मकबरा और सिकंदरा स्थित अकबर का मकबरा भी विश्व दाय की श्रेणी में आ जाएगा। सेमिनार में प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और केंद्रीय संस्कृति राज्य मंत्री चंद्रेश कुमारी कटोच भी होंगी।
ताज की नगरी में छह से नौ मार्च तक होने वाले अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में विश्वदाय स्मारकों वाले सभी देशों के राजदूत, पुरातत्व विभाग के अधिकारी, विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। सेमिनार में ताजमहल, आगरा किला, फतेहपुर सीकरी सहित विश्व के तमाम देशों के विश्वदाय इमारतों की स्थिति के बारे में चर्चा होगी। उनका स्थलीय भ्रमण भी किया जाएगा। उनका मूल स्वरूप बनाए रखने की कवायदों के बारे में चर्चा होगी।
पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग और यूपी पर्यटन के सहयोग से आयोजित सेमिनार में ‘बेबी ताज’ एत्माद्दौला, अकबर का मकबरा सहित देश के अन्य ऐतिहासिक स्मारकों को विश्व दाय में शामिल करने पर भी चर्चा होगी। उद्घाटन सत्र में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी होंगे और आगरा में रात्रि विश्राम भी यहीं करेंगे। शुक्रवार को जिलाधिकारी जुहेर बिन सगीर ने सेमिनार की तैयारियों के संबंध में बैठक ली। उन्होंने कहा कि सेमिनार की तैयारी पूरी है।