दुनिया में कदम रखते ही एक बटिया को मां ने बेसहारा छोड़ दिया। बेटी की रोने की आवाज सुनकर उसकी मां तो नहीं आई, लेकिन गांव की महिलाओं ने अपनी गोद फैला दी। हर कोई उसे गोद में लेने को बेताब हो गई। ग्रामीण नवजात को कांग्रेस नेत्री शबाना खंडेलवाल के पास ले गए। शनिवार शाम को बच्ची को चाइल्ड लाइन के सुपुर्द कर दिया गया।
वाकया शाहगंज के गांव सुचेता का है। गांव में मंदिर के पास शनिवार सुबह तकरीबन छह बजे झाड़ियों में बच्ची कपड़े में लिपटी मिली। उसके रोने की आवाज सुनकर मंदिर के पुजारी राजेश त्यागी पहुंच गए। आसपास के लोगों से बच्ची के बारे में पूछताछ की, लेकिन कोई उसके मां-बाप के बारे में नहीं बता सका। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि एक्टिवा सवार दो लड़कियां सुबह उसे छोड़कर गई हैं। वह अपना चेहरा भी ढके हुए थीं। इस कारण उनकी पहचान नहीं हो सकी। लोगों का अनुमान है कि बच्ची को पैदा होने के कुछ घंटे बाद ही यहां लाकर छोड़ा गया है। इसकी जानकारी पर गांव के सरपंच सत्यप्रकाश पहुंच गए। बड़ी संख्या में महिलाएं भी आ गईं। जिन महिलाओं के संतान नहीं थी वे उसे गोद लेना चाहती थीं। इस पर ग्रामीण बच्ची को कांग्रेस नेत्री शबाना खंडेलवाल के खंदारी स्थित घर पर ले आए। नेत्री ने बच्ची के बारे में एसपी सिटी और एडीएम सिटी को बताया। कांग्रेस नेत्री का कहना है कि बच्ची को गोद लेने के लिए सुचेता गांव के राजेश खंडेलवाल सहित अन्य लोग उनके निवास पर पहुंचे। शाम को वह एडीएम सिटी से मिली। इसके बाद बच्ची को चाइल्ड लाइन के सुपुर्द कर दिया गया। इससे पहले उसका मेडिकल चेकअप भी कराया गया। उधर, चाइल्ड लाइन कोआर्डिनेटर नरेंद्र परिहार का कहना है कि बच्ची को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश कराया जाएगा।