मथुरा के महावन स्थित कार्ष्णि गुरु शरणानंद महाराज रमणरेती आश्रम में गोपाल दास महाराज की जयंती पर गुरुवार से तीन दिवसीय संत समागम शुरू हो गया है। समागम के पहले दिन योगगुरु बाबा रामदेव समेत सैकड़ों साधु-संतों ने हिस्सा लिया।
इस मौके पर पत्रकारों से वार्ता करते हुए बाबा रामदेव ने उन नेताओं को नसीहत दी है, जो बालाकोट में भारतीय वायुसेना की एयर स्ट्राइक में मारे गए आतंकियों का सबूत मांग रहे हैं। उन्होंने कहा कि सेना के पराक्रम पर ओछी राजनीति नहीं करनी चाहिए।
रामदेव ने कहा कि सेना ने आतंकी ठिकानों पर हमले के सबूत भी दे दिए हैं। मौके पर 300 मोबाइल एक्टिव थे। अब सोचने की बात है कि मोबाइल से न तो पेड़ पौधे बात करते हैं और न ही जानवर। वहां आतंकी थे और भारतीय सेना ने आतंकियों के ठिकानों को ही ध्वस्त किया।
उन्होंने कहा कि अब इस विषय पर किसी राजनीति दल को ओछी राजनीति नहीं करना चाहिए। भारतीय सेना के शौर्य और गौरव को बढ़ाने का काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब सभी लोग मिलकर आतंकवाद और देश विरोधी ताकतों से लड़ेंगे, तभी शुभ होगा।
'बच्चों को राम-कृष्ण की तरह बनाइए'
इससे पहले रमणरेती आश्रम में संतों ने विभिन्न मुद्दों पर मंथन किया। चाहें देश के विकास का जिक्र रहा हो या फिर आंतरिक सुरक्षा पर चर्चा। पिछले दिनों सेना द्वारा पाकिस्तान में घुसकर आतंकियों पर किए गए हमले का मुद्दा भी खूब गूंजा। संतों ने कहा कि भारत जब जवाब देगा तो इस तरह के आतंकी हमले रुक जाएंगे।
संतों ने कहा कि आज जरूरत बच्चों को संस्कारवार बनाने की है। जब बच्चे राम-कृष्ण की तरह होंगे तो हमारा देश खुद ही विश्व गुरु बन जाएगा। योग गुरु बाबा रामदेव ने योग को हर किसी के लिए जरूरी बताते हुए कहा कि अगर सेहतमंद रहना है तो योग को अपनी आदत में शामिल कर लीजिए।
योग गुरु रामदेव ने कहा कि जो योग नहीं करेगा, वह बीमारियों से जकड़ा रहेगा। योग के माध्यम से हम चेतना से क्रमश: गुरु चेतना, योग्य चेतना, देव चेतना एवं ब्रह्म चेतना की तरफ बढ़ सकते हैं। महामंडलेश्वर स्वामी पूर्णानंद गिरि ने कहा कि संत समाज को भी देश की बेहतरी के लिए आगे आना होगा। लोगों को एक सूत्र में बांधने के लिए प्रयास करने होंगे।
इससे पूर्व गुरुवार की सुबह कार्ष्णि गुरु शरणानंद महाराज के सान्निध्य में कार्ष्णि संतों द्वारा गोपाल जयंती महोत्सव की शुरूआत गोपाल विलास के पाठ से की। श्रद्धालुओं ने कार्ष्णि गुरु शरणानंद महाराज का आशीर्वाद भी प्राप्त किया। समारोह में महामंडलेश्वर स्वामी गोविंदानंद गिरि, मलूक पीठाधीश्वर स्वामी राजेंद्रदास महाराज, गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज, स्वामी सुमेधानंद आदि ने विचार रखे।