गोरखपुर कमिश्नर के दफ्तर में पेशकार राधे भारती के बेटे बीटेक प्रथम वर्ष के छात्र ऋषिक कुमार उर्फ हर्ष (20) के अपहरण का केस दो माह बाद दर्ज किया गया है। ऋषिक संदिग्ध हालात में 17 मार्च को पीजी से निकलकर लापता हुआ और अब तक उसका कोई सुराग नहीं लगा है। परिजनों ने ऋषिक की लोकेशन निकलवाई और खुद आगरा उसे तलाशने पहुंचे थे। कमला नगर थाना में शिकायत की थी। छात्र के मोबाइल की लोकेशन वाटर वर्क्स की आई थी, लेकिन वहां भी उसका कोई अता-पता नहीं चल सका था।
परिजनों ने पीजी संचालक व केयरटेकर पर शक जाहिर करते हुए बीटा-2 थाने में शिकायत दी है, जिस पर पुलिस ने अब दोनों को नामजद कर जांच शुरू की है। गोरखपुर के बशारतपुर दक्षिण निवासी राधे भारती ने बताया कि उन्होंने अपने बेटे ऋषिक को नवंबर 2022 में गलगोटिया विश्वविद्यालय में प्रवेश दिलाया था।
ऋषिक परी चौक के पास एनआरआई सिटी सोसाइटी स्थित पीजी में रहकर पढ़ाई कर रहा था। उसके प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा चल रहीं थीं। 17 मार्च को सुबह नौ बजे ऋषिक पीजी से निकला था। इसके बाद उसका मोबाइल स्विच ऑफ हो गया। सोसाइटी के सीसीटीवी फुटेज में वह बाहर निकलता दिखाई दिया, लेकिन वापस नहीं लौटा। आरोप है कि पीजी संचालक गौरव देव नागर व केयरटेकर युगराज भूषण उर्फ राजा भैया ने परिजन को छात्र के वापस लौटने की सूचना नहीं दी। इसके चलते परिजन को पीजी संचालक व केयर टेकर पर बेटे को गुम करने की साजिश में शामिल होने का शक है। बीटा-2 थाना प्रभारी विनोद कुमार मिश्रा का कहना है कि मामले में केस दर्ज कर जांच की जा रही है।
पिछले दिनों छात्र की बहन, मां सहित अन्य परिजन आगरा आए थे। छात्र के मोबाइल की आखिरी लोकेशन वाटर वर्क्स की आई थी। इस पर कमला नगर पुलिस से संपर्क किया था। पुलिस ने आशंका जताई थी कि छात्र का मोबाइल लूटकर आगरा तो नहीं लाया गया। इसलिए उसकी लोकेशन यहां की आई। परिजन कई दिन रुककर गए। मगर, उसका पता नहीं चल सका।