पैकेज रेट कम और भुगतान में देरी समेत अन्य वजहों से सुपर स्पेशियलिटी सेंटर आयुष्मान योजना में रुचि नहीं दिखा रहे। अभी तक पांच अस्पताल योजना के तहत इलाज नहीं कर रहे थे, दो और अस्पतालों ने सेवाओं में असमर्थता जताई है।
स्वास्थ्य विभाग के यहां 1140 चिकित्सकीय संस्थान पंजीकृत हैं। इसमें से महज 49 प्राइवेट अस्पताल ही योजना से जुड़े हुए हैं। इनमें से अरिहंत आई केयर सेंटर, सिनर्जी मल्टीनेशनल हॉस्पिटल, रेनबो हॉस्पिटल, पुष्पांजलि हॉस्पिटल और रामरघु हॉस्पिटल ने पहले ही योजना के तहत इलाज न देने के लिए प्रार्थना पत्र दे दिया है।
सफायर हॉस्पिटल और आगरा कार्डियक सेंटर ने भी इलाज में असमर्थता जताई है। इसके पीछे अस्पताल संचालक भुगतान में देरी, क्लेम की जटिल प्रक्रिया और कम पैकेज रेट बता रहे हैं। इलाज के बकाया बिल की बात करें तो विभिन्न अस्पतालों के करीब एक करोड़ रुपये हैं।