यह किए जा सकते हैं उपाय :
- अस्पतालों के बाहर योजना के तहत बीमारियों के इलाज की सुविधा का बोर्ड लगाया जाए।
- सीएचसी-पीएचसी, तहसील समेत सार्वजनिक स्थानों पर अस्पतालों की सूची लगाई जाए।
- ग्राम प्रधानों को लाभार्थियों और अस्पतालों की सूची उपलब्ध कराई जाए।
- कैंप लगाकर लोगों को योजना और इसमें लाभ लेने के बारे में बताया जाए।
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अस्पताल संचालकों को बोर्ड लगाने को कहा है
सीएमओ डॉ. मुकेश वत्स से बातचीत:
सवाल: प्रचार-प्रसार न होने से अधिकांश लोगों को योजना में शामिल अस्पतालों की जानकारी नहीं है।
जवाब: सभी लाभार्थी परिवारों को योजना की जानकारी संबंधी पत्रक भेजे गए हैं। अस्पतालों के नाम सार्वजनिक स्थानाें पर अंकित
कराए जाएंगे।
सवाल: किस अस्पताल में कौन सी बीमारी का इलाज है, मरीजों को यह जानकारी नहीं है।
जवाब: यह समस्या है, इसकी शिकायतें भी आती हैं। इसके लिए अस्पताल संचालकों से बोर्ड लगाने को कहा गया है।
सवाल: सभी के गोल्डन कार्ड नहीं बने हैं, विभाग क्या कर रहा है।
जवाब: सर्विस सेंटरों पर गड़बड़ी मिलने पर शासन ने आईडी ब्लाक कर दी थी, अब सभी अस्पतालों में कार्ड बनाए जा रहे हैं। कैंप
लगाकर यह सुविधा दी जाएगी।