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औरंगजेब की हवेली कर दी ध्वस्त: राज्य पुरातत्व विभाग ने किया सर्वे, डीएम ने मांगी रिपोर्ट

Fri, 03 Jan 2025 02:46 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, आगरा

सार

मुगलिया सल्तनत की 197 से ज्यादा धरोहरों को समेटे आगरा में बीते तीन माह में मुबारक मंजिल (औरंगजेब की हवेली) समेत चार धरोहरों को ध्वस्त कर दिया गया। इस मामले में राज्य पुरातत्व विभाग ने  दो अधिकारियों की टीम निरीक्षण के लिए भेजी।
 
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औरंगजेब की हवेली कर दी ध्वस्त - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राज्य पुरातत्व विभाग ने मुबारक मंजिल के हिस्से को तोड़ने के मामले में बृहस्पतिवार को दो अधिकारियों की टीम निरीक्षण के लिए भेजी। उन्होंने बेलनगंज में यमुना किनारे बनी इमारत का सर्वे किया। विस्तृत रिपोर्ट लखनऊ में राज्य पुरातत्व विभाग के निदेशक को सौंपी जाएगी।
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ब्रिटिश काल में कस्टम हाउस के नाम से चर्चित इमारत का मुख्य हिस्सा पूरी तरह से सुरक्षित होने की रिपोर्ट दी गई है। इस बीच डीएम ने एसडीएम और पुरातत्व विभाग से मौका मुआयना कर रिपोर्ट मांगी है। बृहस्पतिवार दोपहर राज्य पुरातत्व विभाग के राजीव रंजन और सुभाष चंद्र की टीम मुबारक मंजिल पहुंची। तारा निवास, कस्टम हाउस और परमिट कोठी के नाम से चर्चित इमारत में फाटक सूरजभान रोड की ओर का हिस्सा टूटा हुआ पाया गया। यहां ट्रांसपोर्टर किराए पर हैं।
इमारत में रहने वाले लोगों ने तर्क दिया कि मुबारक मंजिल और औरंगजेब की हवेली के नाम से अधिसूचना जारी हुई है, वह बल्केश्वर में है। स्टेट एएसआई इस मामले में कार्लाइल रिपोर्ट, एब्बा कोच की किताब के साथ पुराने रिकॉर्ड भी तलाशेगा।

 

कस्टम हाउस, परमिट कोठी का हिस्सा सुरक्षित
तारा निवास के नाम से चर्चित और आस्ट्रिया की इतिहासकार एब्बा कोच की पुस्तक में मुबारक मंजिल के नाम से दर्ज इमारत के मालिक नवीन चंद्र ने राज्य पुरातत्व विभाग के अधिकारियों से मुलाकात की। उन्होंने अधिकारियों को भ्रमण कराया। उन्होंने बताया कि ब्रिटिश शासन में वर्ष 1879 में नीलामी में उनके पूर्वजों ने कस्टम हाउस के नाम से यह इमारत खरीदी थी।

 

इसका मुख्य हिस्सा पूरी तरह से सुरक्षित है और उसे पुराने स्वरूप में ही संरक्षित किया गया है। इमारत के ब्रिटिश और मुगलकाल के स्ट्रक्चर से कोई छेड़छाड़ नहीं हुई है। उनके बेटे वरुण चंद्र ने बताया कि राज्य पुरातत्व विभाग ने बल्केश्वर की औरंगजेब की हवेली संरक्षित करने की अधिसूचना जारी की है। वह घटवासन में है। बेलनगंज की हवेली परमिट कोठी और कस्टम हाउस के नाम से खरीदा गया है।

 
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रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई
जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने बताया कि औरंगजेब की हवेली मामले में एसडीएम और एएसआई से रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
 
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