उत्तर प्रदेश के आगरा में जिला महिला अस्पताल में गर्भवती महिलाओं के साथ तीमारदारों को पास के माध्यम से ही प्रवेश मिलेगा। यह व्यवस्था अस्पताल प्रशासन ने लागू की है। इसका विरोध तीमारदारों ने किया। उनका आरोप है कि गर्भावस्था में बिना परिजन के गर्भवती अपना ख्याल कैसे रख सकेगी। ऐसे में व्यवस्था को बदला जाए।
विज्ञापन
लेडी लायल में भीड़ को कम करने के लिए पास व्यवस्था लागू कर दी है। लेडी लायल में रोज 350 से अधिक गर्भवती जांच व इलाज के लिए आती हैं। पुरुषों का ओपीडी में प्रवेश पूर्णत: बंद कर दिया गया है। ओपीडी में एक पास से सिर्फ एक महिला ही गर्भवती के साथ जाएगी। प्रसव के बाद प्रसूता के पास सिर्फ एक ही व्यक्ति रुक सकता है। ऐसे में दूर-दराज से पत्नी के साथ इलाज के लिए पहुंचने वाले पुरुषों को अस्पताल के गेट के बाहर ही रुकना पड़ रहा है।
रामबाग निवासी राहुल ने बताया कि छुट्टी कर के पत्नी को दिखाने के लिए लेडी लायल आया। मुझे अंदर जाने ही नहीं दिया। सात माह की गर्भवती को अकेला छोड़ने पर होने वाली परेशानी का जिम्मेदार कौन होगा। इस तरह के नियम बदलना चाहिए।
भीड़ रोकने के लिए की गई व्यवस्था
यह व्यवस्था भीड़ कम करने के लिए लागू की गई है। अस्पताल में एक मरीज के साथ कई तीमारदार आ जाते हैं। - डॉ. रचना गुप्ता, प्रमुख अधीक्षिका, लेडी लायल