इलाज के लिए पिता ले आए मायके
पीड़िता ने बताया कि वह बीमार हो गई तो 30 अप्रैल 2022 को पिता उसे इलाज के लिए मायके ले आए। इसके बाद कई बार पंचायत की गई लेकिन ससुराल वाले रखने को तैयार नहीं हैं। कहते हैं कि बिना दहेज के आएगी तो पैर नहीं रखने देंगे। तहरीर के आधार पर रविवार को पुलिस ने पति भानू प्रताप, देवर हरनेश, ससुर राघवेंद्र सिंह, सास सुनीता देवी, ननद शिवानी, बुआ सास अरुणा देवी, जेठ अगनेश, अनूप, ताऊ ससुर ओम शंकर और नंदोई ललित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
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