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सांसत में सांस: ताजनगरी में ठहरी हवा से गहराया स्मॉग, अस्थमा का अटैक बढ़ा

Sat, 02 Nov 2019 11:52 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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आगरा में हवा की रफ्तार एकदम कम होने या एकदम ठहराव से स्मॉग गहरा गया है। हवा न चलने से प्रदूषण तत्वों का जमावड़ा है, जिसके कारण सांस में जहरीला धुआं पहुंचने से अस्थमा का अटैक बढ़ गया है। 
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शुक्रवार को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी किए गए सूचकांक में आगरा का एयर क्वालिटी इंडेक्स 176 पाया गया। शहर की जहरीली हुई हवा में कार्बन मोनोक्साइड की मात्रा मानक से 35 गुना ज्यादा पहुंच गई। 

दिल्ली-एनसीआर के शहरों के मुकाबले आगरा का प्रदूषण स्तर फिलहाल कम है, लेकिन यह देश के टॉप 10 प्रदूषित शहरों में शामिल है। शुक्रवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स 176 पर रहा, जिसमें सबसे ज्यादा जहर कार्बन मोनोक्साइड और पर्टिकुलेट मैटर 2.5 कणों ने घोला। 
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पीएम कणों की मात्रा पांच गुना बढ़ी

शाम को सात से 9 बजे के बीच कार्बन मोनोक्साइड की मात्रा अधिकतम स्तर यानी 139 तक पहुंच गई। यही हाल नाइट्रोजन डाइक्साइड का रहा जो 103 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर तक रहा। पर्टिकुलेट मैटर (पीएम) कणों की मात्रा सामान्य से 5 गुना ज्यादा दर्ज की गई। 

दयालबाग एजूकेशनल इंस्टीट्यूट के रसायन विभाग के प्रो. रंजीत कुमार ने बताया कि आगरा में दिवाली के बाद मौसम के बदलाव के कारण प्रदूषण स्तर में बढ़ोतरी हुई है। हवा की रफ्तार बेहद कम हो गई तो बादल भी छा गए। स्थानीय स्तर पर जो कूड़ा जलाने और वाहनों से प्रदूषण हो रहा है, वह हवा के ठहराव से आगे नहीं जाकर स्थिर है। 


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