शाम को सात से 9 बजे के बीच कार्बन मोनोक्साइड की मात्रा अधिकतम स्तर यानी 139 तक पहुंच गई। यही हाल नाइट्रोजन डाइक्साइड का रहा जो 103 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर तक रहा। पर्टिकुलेट मैटर (पीएम) कणों की मात्रा सामान्य से 5 गुना ज्यादा दर्ज की गई।
दयालबाग एजूकेशनल इंस्टीट्यूट के रसायन विभाग के प्रो. रंजीत कुमार ने बताया कि आगरा में दिवाली के बाद मौसम के बदलाव के कारण प्रदूषण स्तर में बढ़ोतरी हुई है। हवा की रफ्तार बेहद कम हो गई तो बादल भी छा गए। स्थानीय स्तर पर जो कूड़ा जलाने और वाहनों से प्रदूषण हो रहा है, वह हवा के ठहराव से आगे नहीं जाकर स्थिर है।
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