जनता लहर में भी तीन विधायकों ने बचाई लाज
1977 की जनता पार्टी की लहर में आगरा में कांग्रेस के तीन विधायकों ने पार्टी विरोधी माहौल के बाद भी जीत हासिल की। इनमें आगरा कैंट सीट से डॉ. कृष्णवीर सिंह कौशल, आगरा पूर्वी से सुरेंद्र कुमार सिंधू और आगरा पश्चिमी से गुलाब सेहरा ने लाज बचाई। वहीं छह सीटों पर जनता पार्टी के उम्मीदवारों ने जीत हासिल की थी।
85 के बाद उभरे भाजपा व क्षेत्रीय दल
1985 के चुनाव में भाजपा ने पदार्पण किया। इसके साथ ही बीकेडी, लोकदल जैसे क्षेत्रीय दल भी चुनौती बनकर उभरे। इस चुनाव में कांग्रेस के पांच उम्मीदवार विधानसभा पहुंचे तो लोकदल के तीन और भाजपा का एक उम्मीदवार जीता।
1989 के बाद उबर नहीं पाई कांग्रेस
1989 के आरक्षण आंदोलन के बाद जनता दल ने इस चुनाव में ताल ठोकी। इस चुनाव में कांग्रेस खाता नहीं खोल सकी। जनता दल के छह व भाजपा के तीन उम्मीदवार जीते। 1991 में राजीव गांधी की शहादत के बाद हुए चुनाव में भी पार्टी का खाता नहीं खुल सका। 1993 व 1996 के चुनावों में खेरागढ़ विधानसभा सीट पर मंडलेश्वर सिंह ने कांग्रेस का खाता खोला, लेकिन इसके बाद 2002, 2007, 2012 व 2017 के चार चुनावों में पार्टी के उम्मीदवार मुख्य मुकाबलों से बाहर ही रहे।