कोल्ड चेन फेडरेशन का उद्धघाटन करते फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेंद्र स्वरूप व अन्य
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आलू, प्याज, सेब, हरी मटर से लेकर कृषि की दूसरी उपजों को कोल्ड चेन के जरिए सहेज कर उपभोक्ता तक पहुंचा रहे आगरा के शीतगृह संचालकों ने पांच देशों के साथ हाथ मिलाया है। चीन, कोरिया, इंडोनेशिया, भारत और नेपाल के शीतगृह संचालक तकनीक साझा कर अन्नदाता की कृषि उपज को बचाने और कोल्ड चेन की लागत कम करने पर जोर दे रहे हैं।
ताजनगरी में शुक्रवार से शुरू हुए ऑल इंडिया कोल्ड चेन सेमिनार में उन्होंने एशिया पैसिफिक कोल्ड चेन फेडरेशन का गठन किया है, जिसके जरिए वो तकनीक साझा कर चुनौतियों से निपटेंगे। कोल्ड चेन सेमिनार के 14 वें संस्करण के शुभारंभ पर पहली बार विदेशी शीतगृह संचालकों समेत 1500 लोग शामिल हुए।
इंडोनेशिया कोल्ड चेन एसोसिएशन चेयरमैन हसनुद्दीन यासनी, चाइना फेडरेशन के डिप्टी डायरेक्टर फी चेन, नेपाल फेडरेशन के अरुण राज सुमार्गी और कोरिया के म्योंग सू चुंग ने भारतीय शीतगृहों के साथ मिलकर चुनौतियों से निपटने की उम्मीद जताई।
कोल्ड चेन प्रदर्शनी लगाई गई
नेपाल से आए अरुण राज सुमार्गी ने कहा कि तकनीक हो या आलू, सभी में भारतीयों का सहयोग चाहिए। फेडरेशन ने कहा कि एक माला की तरह एक सूत्र में बंधकर शीतगृह उद्योग एक दूसरे से सीखेगा और मुश्किलों का हल भी तलाशेगा। इससे पहले कोल्ड चेन प्रदर्शनी का उद्घाटन मेयर नवीन जैन ने किया। प्रदर्शनी में 80 स्टॉल लगाए गए हैं।
फेडरेशन ऑफ कोल्ड स्टोरेज एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेंद्र स्वरूप ने कहा कि शीतगृह उद्योग घाटे में है, जबकि आलू समेत अन्य पैदावार को साल भर बचाने के लिए यह जरूरी हैं। केंद्र और राज्य सरकार सोेलर सिस्टम पर अनुदान 50 फीसदी से ज्यादा बढ़ाये ताकि किसानों की पैदावार कोल्ड चेन से बच सके।
फेडरेशन ऑफ कोल्ड स्टोरेज एसोसिएशन के कार्यकारी अध्यक्ष राजेश गोयल ने बताया कि केवल आलू पर शीतगृह नहीं चल सकता। कई उत्पाद कोल्ड चेन में रखने होंगे, तभी घाटे से उबर पाएंगे। नई तकनीक, नई सोच, नए उत्पाद का वक्त है, इसलिए एशियाई देशों के साथ जुडे़ हैं।
आलू की मिठास कम हो, इसी पर रहा जोर
फेडरेशन आफ कोल्ड स्टोरेज एसोसिएशन द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी में देश और दुनिया की कंपनियों ने आलू की मिठास कम करने यानी लो शुगर आलू के लिए तकनीक को पेश किया।
आलू को पैकेट में रखने से लेक र उसके लिए नियंत्रित तापमान और निकासी तक के लिए प्रबंधन का प्रदर्शन किया गया है। गुजरात, बिहार और बंगाल के शीतगृह संचालकों ने इस पर ज्यादा जोर दिया है। प्रदर्शनी में कम ऊर्जा खपत वाली कोल्ड चेन और सोलर बिजली के उपयोग को लेकर ज्यादा पूछताछ है।
पहली बार आए जम्मू-कश्मीर के शीतगृह स्वामी
सेमिनार में शाम को सेमिनार में कश्मीर से आए दस शीतगृह स्वामियों का सम्मान किया गया। ये सदस्य पहली बार कोल्ड चेन सेमिनार में आए हैं। कश्मीर का पहला नियंत्रित वातावरण वाला शीतगृह लगाने वाले जम्मू कश्मीर एसोसिएशन अध्यक्ष हितिन सूरी ने अपने अनुभव और तकनीकी जानकारी साझा की।