आगरा किला के दीवान-ए-आम में दरारें
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उत्तर प्रदेश के आगरा किला में छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती पर लगातार दूसरे साल आगरा किला के दीवान-ए-आम में महाराष्ट्र सरकार के साथ मिलकर अजिंक्य देवगिरी प्रतिष्ठान ने जन्मोत्सव मनाया। बीते साल से सबक लेते हुए इस बार भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण और संगठन के सदस्यों ने कई इंतजाम ऐसे किए, जिससे दीवान ए आम में बीते साल आई दरारें और चौड़ी नहीं हुईं।
मंगलवार को एएसआई अधिकारियों ने दीवान ए आम की जांच की। इसमें पाया कि बीते साल की दरारों में लगाया गया टिलटेल ग्लास बरकरार है। तेज आवाज से दरार चौड़ी होने पर यह टूट जाता, लेकिन किसी जगह दीवान आम की छत या दीवारों पर क्षति नहीं पाई गई।
जल्द पूरा हो जाएगा मरम्मत का काम
इसकी रिपोर्ट भी एएसआई अधीक्षण पुरातत्वविद को सौंपी गई है। आगरा सर्किल के अधीक्षण पुरातत्वविद राजकुमार पटेल ने बताया कि साउंड सिस्टम समेत कई उपाय ऐसे किए गए। ताकि पिछली बार की तुलना में इस बार कम शोर हुआ। एएसआई के अधिकारियों को निगरानी के लिए लगाया गया था। जांच रिपोर्ट में कोई क्षति नहीं मिली है। बीते साल के कार्यक्रम के दौरान आई दरारों और प्लास्टर में आई चटकन की मरम्मत का काम किया जा रहा है। जल्द ही यह पूरा हो जाएगा।
ताज में ट्राइपॉड के वीडियो वायरल
ताजमहल में सेंट्रल टैंक और रेड सैंड स्टोन प्लेटफार्म के आगे कैमरों के ट्राइपॉड ले जाने की तस्वीरें और वीडियो वायरल हुए। इस पर गाइड एसोसिएशन ने एएसआई और सीआईएसएफ अधिकारियों से बात की। एएसआई के मुताबिक ट्राइपॉड को अंदर ले जाने की अनुमति नहीं है, जबकि सीआईएसएफ की जांच में ट्राइपॉड अंदर पहुंच गए।