एसएन मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल और लेडी लॉयल की ओपीडी में सोमवार को 8690 मरीज पहुंचे। इससे व्यवस्थाएं चरमरा गईं। दवा और पर्चों के लिए काउंटर नहीं बढ़ाए, इससे मरीजों को धक्कामुक्की का सामना करना पड़ा। वहीं डेढ़ से दो घंटे लाइन में खड़े होने से कई मरीजों की हालत और खराब हो गई।
ओपीडी में 30 फीसदी मरीज वायरल बुखार के आ रहे हैं। मेडिसिन विभाग के डॉ. अजित चाहर ने बताया कि बुखार के साथ मरीज के सिर में दर्द, आंखें लाल होना, शरीर में कमजोरी और मांसपेशियों में दर्द की भी शिकायतें हैं। दवाएं लेने के बाद मरीज तीन से पांच दिन में ठीक हो रहे हैं। इसकी बड़ी वजह बदलता मौसम है। दिन में गर्मी-उमस और रात में पारा कम होने से भी दिक्कत हो रही है।
जिला अस्पताल में डेढ़ घंटे कतार में खड़े होने के बाद पर्चा बना। आधा घंटा फिर डॉक्टर को दिखाने वाली कतार में लगी और इतना ही समय दवा लेने में मिला। ढाई घंटे कतार में खड़े होने से चक्कर आने लगे।
अनीता देवी, फतेहपुर सीकरी
जिला अस्पताल में पर्चा और दवा काउंटर पर भीड़ अधिक होती है। सोमवार को मरीज अधिक आते हैं तो अस्पताल प्रशासन को काउंटर बढ़ा देने चाहिए। इससे मरीजों को लाइन में कम समय खड़ा होना पड़ेगा।
एसएन में बेटे को लेकर आई, धक्कामुक्की से हालत खराब हो गई। बेटा भी परेशान हो गया। बमुश्किल से पर्चा बनवाया और दवा ली। काउंटर बढ़ जाने से मरीजों को धक्कामुक्की का सामना नहीं करना पड़ेगा।
इदरीश बेगम, ताजगंज
- पेट में दर्द से पहले से ही परेशान थी। एसएन में पर्चा बनवाने के लिए मारामारी हो रही थी। इससे और दिक्कत बढ़ गई। लाइन में खड़े होने से परेशान होने पर जमीन पर बैठ गई।