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सेना में नौकरी के नाम पर 100 से ज्यादा युवकों से ठगी, सामने आई गिरोह के सरगना की असलियत

Tue, 30 Jun 2020 03:54 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

  • सेना में भर्ती कराने के नाम पर ठगने वाले गिरोह के सरगना उदय सिंह यादव को लेकर चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई है। 
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पुलिस की गिरफ्त में गिरोह के सरगना सहित चार आरोपी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सेना में भर्ती कराने के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के सरगना ने तीन साल में 100 से ज्यादा युवकों को ठगा। धोखाधड़ी की रकम से उसने एक कार, ट्रैक्टर, 225 गज का प्लाट खरीदा, बिल्डिंग मैटेरियल की दुकान खड़ी कर ली। वो अपने एजेंट जितेंद्र से अभ्यर्थियों के पांच से छह लाख रुपये लेता था। पुलिस की प्रारंभिक जांच और आरोपियों से पूछताछ में ये तथ्य सामने आए हैं। 
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आगरा की ताजगंज पुलिस ने रविवार को सेना में भर्ती कराने के नाम पर ठगने वाले गिरोह के सरगना उदय सिंह यादव, बुलंदशहर के एजेंट जितेंद्र सिंह, अभ्यर्थी आकाश और उसके पिता अजय को पकड़ा था। पूछताछ में पता चला कि सरगना उदय सिंह यादव पार्षद, प्रधान के लेटर पेड पर फर्जी दस्तावेज तैयार करता था। 


ऐसे वसूलता था रुपये
 
वो से सत्यापन और पास कराने का वादा कर रकम वसूलता था। उसने तीन साल में लाखों रुपये कमाए। उसकी फतेहाबाद रोड पर 225 वर्ग गज के प्लाट में बिल्डिंग मैटेरियल की दुकान है। दुकान में पांच लाख रुपये का माल भरा है। एक महिंद्रा ट्रैक्टर, ब्रेजा कार भी है। ट्रैक्टर के लिए 1.60 लाख की किस्त और कार के लिए 3.45 लाख रुपये का डाउन पेमेंट दे चुका है। 
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दो साल पहले उदय सिंह यादव ने अपनी बहन की शादी में 12 लाख रुपये खर्च किए थे। गांव में आर्थिक रूप से मजबूत व्यक्ति की पहचान बना रखी है। पुलिस अब यह पता करने में लगी है कि उदय सेना में किसी को भर्ती कराने में सफल तो नहीं रहा। 

शामली में पकड़े सदस्यों से होगी पूछताछ

पुलिस ने बताया कि शामली पुलिस ने भी गिरोह के सादाबाद निवासी सतीश, धौलपुर निवासी सुरेंद्र और शामली निवासी सर्वेंद्र को गिरफ्तार किया है। ताजगंज पुलिस इनसे पूछताछ करेगी। ताजगंज के गांव बुढ़ेरा निवासी राकेश चौधरी, बाह का साधू और मेरठ के सचिन फरार हैं।

एक करोड़ से अधिक का लेन-देन

प्रारंभिक जांच में पता चला कि सतीश और उदय सहित अन्य सदस्यों ने बैंक खातों और ई-वॉलेट से एक करोड़ रुपये से भी अधिक का लेन-देन किया है। इस रकम के धोखाधड़ी से जुटाने की ही आशंका है। रकम कब आई? कितने लोगों ने भेजी? कई बार चेक और कैश से भी पैसा लेते थे। इन सब पहलुओं पर जांच की जा रही है।
 
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पूर्व के 16 मुकदमों की चल रही जांच 

आगरा में टीईटी, पुलिस, सेना में भर्ती कराने के नाम पर रुपये लेने वाला गैंग पहले भी पकड़ा जा चुका है। पुलिस लाइन में भर्ती प्रक्रिया में साल्वर और गैंग के सरगना पकड़े थे। टीईटी में भी सॉल्वर पकड़े गए। सदर में सेना भर्ती परीक्षा में भी गैंग पकड़ा गया था। इन मामलों की जांच एसपी सिटी के नेतृत्व में एसआईटी कर रही है। कुल 16 मुकदमे दर्ज हुए हैं। इनमें से दो में चार्जशीट लग चुकी है। 

बैंक खातों का रिकार्ड खंगाल रहे

एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद ने बताया कि सेना में भर्ती कराने के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले गैंग के फरार सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए टीम लगी है। सैकड़ों लोगों से धोखाधड़ी की आशंका है। जांच की जा रही है। आरोपियों के मोबाइल और बैंक खातों का रिकार्ड खंगाला जा रहा है। 

सेना में भर्ती का ठेका लेने वाले गिरोह के सरगना सहित चार गिरफ्तार, पूरे प्रदेश में फैला है जाल
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