मथुरा की कृष्ण विहार कॉलोनी में ओवर हेड टैंक( पानी की टंकी) गिरने के बाद बचाव व राहत कार्य में सेना की भी मदद ली जा रही है। सेना के साथ ही एनडीआरएफ की एक टीम, नगर निगम, अग्निशमन दल की टीम बचाव व राहत कार्य में जुटी हैं।
अपर नगर आयुक्त के निर्देशन में नगर निगम के 50 लोगों की टीम छह जेसीबी, दो हाइड्रा, पांच ट्रैक्टर एवं दो डंपर से मलबा हटाने में जुटी है। मलबे के साथ खंबों को वहां से हटाना टेढी खीर साबित हो रही है। बड़े और लंबे खंभे डंफर तक पहुंचाने के साथ ही घनी आबादी होना भी वाहनों के संचालन में बड़ी परेशानी का कारण बन रहा है।
नगर निगम की एक टीम टंकी के खंभों को कटर से काटकर छोटा किया जा रहा है। दूसरी टीम हाइड्रा से उन खंबों को डंपर तक पहुंचाया जा रहा है। इस कार्य में नगर निगम के साथ ही जलकल, निर्माण एवं अन्य विभाग के कर्मचारियों को भी लगाया गया है। नगर निगम के अधिकारिक सूत्रों का कहना है कि मलबा हटाने में 24 घंटे के अधिक समय लग सकता है।
तीन वर्ष पहले बनी थी टंकी
आगरा की कार्यदायी संस्था एसएम कंस्ट्रक्शन द्वारा करीब छह करोड़ की लागत से टंकी का निर्माण कराया गया था। 2500 किलो लीटर क्षमता की पानी की टंकी का निर्माण वर्ष 2018 में शुरू किया गया था। निर्माण तीन वर्ष में पूरा हुआ। टंकी वर्ष 2021 में बनाकर तैयारी हुई। इसे वर्ष 2023 में नगर निगम को हस्तांतरण किया गया, लेकिन यह टंकी शुरुआत से ही कमजोर थी। इसमें से पानी भी टपकता था, लेकिन जिम्मेदारों द्वारा लगातार इसकी अनदेखी की जा रही थी। इसी का परिणाम है कि तीन साल पहले बनी टंकी रविवार शाम को धराशायी हो गई।
2500 किलो लीटर की क्षमता
नगर निगम के एक्सईएन राम कैलाश ने बताया कि जलनिगम द्वारा 2500 किलो लीटर क्षमता की टंकी का निर्माण वर्ष 2021 में आगरा की कंपनी द्वारा पूरा कराया था। एक वर्ष पहले 2023 में जल निगम ने नगर निगम को ओवर हैड टैंक हस्तांतरित किया था।
टंकी गिरने की होगी उच्च स्तरीय जांच
नगर आयुक्त शशांक चौधरी ने कहा कि ओवर हेड टैंक के गिरने की उच्च स्तरीय जांच कराई जाएगी। जिस ठेकेदार ने टंकी का निर्माण कराया है, उसके विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। जांच में दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।