आगरा में फर्जी शस्त्र लाइसेंस केस में सेवानिवृत्त असलहा बाबू संजय कपूर आरोपी है। वह लापता हो गया है। एसटीएफ उसे तलाश रही है। पूछताछ में कई राज खुल सकते हैं।
कलेक्ट्रेट में असलहा लाइसेंस बनाने में फर्जीवाड़ा और विदेशी असलहा को चढ़ाने का खेल किस तरह से किया गया, इस सबकी जानकारी ली जाएगी। वहीं जिन लोगों ने जानकारी के अभाव में पिस्टल खरीदी होगी, उनको एसटीएफ गवाह बना सकती है। वह अपने बयान भी दर्ज करा सकते हैं।
मॉनिटरिंग लखनऊ में बैठे अधिकारी भी कर रहे हैं। एसटीएफ को इनपुट मिला है कि असलहा कार्यालय में दस्तावेजों को चेक तक नहीं किया जा रहा था। फाइल अधिकारियों के पास तक नहीं पहुंच रही थीं।
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कारतूसों का भी मांगेंगे हिसाब
इस केस में एसटीएफ को लोग फोन कर हर दिन नई जानकारी दे रहे हैं। कोई गिरोह के जमीनों पर कब्जे के बारे में बता रहा है तो कोई अवैध संपत्तियों की जानकारी दे रहा है। मुख्य शिकायतकर्ता विशाल भारद्वाज ने तो आयकर विभाग में भी शिकायत कर रखी है। उधर, एसटीएफ आरोपियों से पिस्टलों के साथ ही कारतूसों का भी हिसाब लेगी। कितने लिए और कहां इस्तेमाल किया देखा जाएगा।
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वहीं सेवानिवृत्त बाबू संजय कपूर पर भी विदेशी पिस्टल होने की जानकारी मिली है। अगर, यह बात सही निकली तो उससे पूछा जाएगा कि पिस्टल कहां से आई। किससे खरीदी थी। अन्य आरोपियों ने अपनी विदेशी पिस्टल को विभाग में दर्ज कराया तो जांच क्यों नहीं हुई। उनके पास यह पिस्टल कहां से आई, इन सबकी जानकारी आरोपियों से पूछताछ में ली जाएगी।