आठ माह पहले एक युवक संग गई थी महिला
मुन्नी देवी का कहना है कि पुत्रवधू करीब आठ माह पहले अपनी मर्जी से फर्रुखाबाद के एक युवक के साथ चली गई थी। तीन माह पहले रिश्तेदारों के दबाव में घर आ गई। इसके बाद पंचायत भी हुई और उसने अपनी गलती मान ली थी। इसके बाद से पुत्रवधू प्रेम से परिवार के साथ रह रही थी। मुन्नी देवी ने शक जताया कि फर्रुखाबाद के युवक ने ही वारदात को अंजाम न दिया है।
ग्राम प्रधान दिनेश चंद्र ने बताया कि रविवार की रात कार में सवार होकर आधा दर्जन हथियारबंद लोग व दो महिलाएं आईं। गांव के बाहर बने बाबूराम के घर में घुस गए। महिलाएं कार में ही बैठी रहीं और हथियारबंद लोगों ने योगेश की पत्नी को कार में डाल लिया।
योगेश ने पत्नी को ले जाने का विरोध किया तभी उसको गोली मार दी। गांव के ही अमित कुमार शाक्य ने भी महिला का अपहरण और विरोध करने पर योगेश को गोली मारने की बात कही है।
परिजन आगरा में करा रहे उपचार, नहीं दी तहरीर
घायल योगेश के परिवारीजन उसका आगरा में उपचार करा रहे हैं। सोमवार देर शाम तक कोई लौटकर नहीं आया। ऐसी स्थिति में थाने पर तहरीर भी नहीं दी जा सकी है। थाना पुलिस भी तहरीर मिलने से इनकार कर रही है।
सीओ राघवेंद्र सिंह ने बताया कि गांव में मारपीट की घटना की जानकारी मिली है। मारपीट के दौरान ही युवक को गोली लगी है। अभी पीड़ित पक्ष की ओर से कोई सूचना नहीं दी गई है।