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Agra News: कोल्ड स्टोर संचालकों की मनमानी आलू किसानों पर भारी

Fri, 16 Oct 2026 03:07 AM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
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आगरा। आलू की मंदी का दंश झेल रहे किसानों के लिए राहत की किरण बनी भंडारण प्रभार अनुदान योजना पर कोल्ड स्टोर संचालकों ने ही ग्रहण लगा दिया है। आरोप है कि आवेदनों का सत्यापन समय से पूरा कर आगे नहीं भेजा जा रहा है। इससे किसानों को लाभ नहीं मिल रहा। वह अधिकारियों के चक्कर लगाने को विवश हैं।
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प्रदेश सरकार ने आलू किसानों की मदद के लिए यह योजना शुरू की है। इसमें दो हेक्टेयर तक आलू उत्पादक किसानों को शामिल किया गया है। उन्हें प्रति क्विंटल 100 रुपये भंडारण प्रभार पर अनुदान दिया जा रहा है। जिले के 332 कोल्ड स्टोर में से 207 योजना के प्रति रुचि नहीं दिखा रहे हैं। उन्होंने 604 किसानों के आवेदनों को लंबे समय से लंबित रखा है। उनका सत्यापन समय से हो जाता तो उन्हें जल्द अनुदान मिल जाता।
बोले किसान
भंडारण प्रभार अनुदान योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन 15 दिन पहले किया था लेकिन अनुदान न आने पर उद्यान विभाग से पता किया। वहां से पता चला कोल्ड स्टोरेज ने सत्यापन ही नहीं किया है। ऐसे में लाभ कैसे मिलेगा। - रामवीर सिंह, किसान, मलूपुर
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एक तरफ तो आलू भी सस्ते में बिक गया। भंडारण शुल्क में कुछ लाभ मिल जाता तो उसमें कोल्ड स्टोरेज वाला ही बाधा बन रहा है। उसने 20 दिन पहले किए आवेदन को आगे ही नहीं बढ़ाया है। इन पर कार्रवाई की जानी चाहिए।- रंधीर सिंह, किसान, खेड़िया
वर्जन:

सभी कोल्ड स्टोर संचालकों को नोटिस जारी कर सूचित कर दिया है। किसानों के आवेदन को लंबित न रखें, सत्यापन कर आगे बढ़ा दें। सात दिन से अधिक समय होने पर कोल्ड स्टोर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - मनोज कुमार, जिला उद्यान अधिकारी

यह है सत्यापन की प्रक्रिया
भंडार प्रभार अनुदान के लिए उद्यान विभाग के पोर्टल पर किसान को आवेदन करना है। उसमें कोल्ड स्टोर में भंडारण शुल्क जमा रसीद, गेट पास, आमद रसीद व अन्य दस्तावेज लगाने हैं। इसके बाद आवेदन कोल्ड स्टोरेज के लॉगइन पर आ जाएगा। वहां से किसान के आलू भंडारण के दस्तावेज का सत्यापन कर अग्रसारित करना है। इसके बाद जिला उद्यान अधिकारी के यहां से फाइनल सत्यापन होने के बाद डीबीटी माध्यम से अनुदान मिल जाएगा।
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