उत्तर प्रदेश के आगरा में जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र की व्यवस्था में बदलाव के बाद आवेदकों को तहसील में भटकना पड़ रहा है। सोमवार को सदर एसडीएम दफ्तर में 50 से अधिक फरियादी चक्कर काटते रहे। टीकाकरण कार्ड अनिवार्य हो गया है। इसके लिए आवेदकों को सीएमओ दफ्तर तक दौड़ लगानी पड़ रही है।
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जन्म एवं मृत्यु प्रमाणपत्र नगर निगम से जारी होंगे। लेकिन, सत्यापन व आवेदन तहसील स्तर पर हो रहे हैं। जिनका जन्म या मृत्यु एक साल से अधिक समय पूर्व हो चुकी है उनसे प्रमाण पत्र बनने में देरी की वजह पूछी जा रही है। पहले ऐसे प्रमाण पत्रों का सत्यापन कलक्ट्रेट स्थित अपर नगर मजिस्ट्रेट से होता था।
पिछले एक महीने में 150 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनके अलावा तहसील में आय, जाति व निवास प्रमाणपत्र के 100 से अधिक आवेदन लंबित हैं। तहसीलदार रजनीश वाजपेयी का कहना है कि सभी प्रमाणपत्रों का सत्यापन कराया जा रहा है। सत्यापन में 7 से 14 दिन तक समय लगता है।