मेहनत की और बेटे ने मेरे सपने को पूरा कर दिखाया: संतोष सलूजा
गजानन नगर, कोठी मीना बाजार निवासी संतोष सलूजा का पुत्र खुशहाल एक बैंक में ऑडिट मैनेजर है। फिलहाल जयपुर में है। बेटे की बात करते ही संतोष का चेहरा खिल गया। बोलीं कि मेरे पति अशोक सलूजा हमेशा मजबूत इरादों से मंजिल मिलने की बात कहते थे। देर से भले मंजिल मिलती जरूर है।
उनके जाने के बाद उनकी इसी सोच के साथ बच्चों के करियर को बनाने के लिए दिन-रात एक कर दिया। औलाद भी लायक मिली। वह मेरी भावनाओं को अच्छी तरह से समझता था। उसने मेहनत की। मुझे राहत देने की जिम्मेदारी को निभाया। मेरा सपना पूरा करके भी दिखाया।
ममता के साथ पिता का अनुशासन भी: भारती गंभीर
कमला नगर निवासी भारती गंभीर के पति श्याम गंभीर का अचानक दुनिया से चले जाने ने उन्हें तोड़कर रख दिया। पति के जाने के बाद उनके सामने दो चुनौतियां थीं। पहले बेटे की अच्छी परवरिश और पति के गैंस एजेंसी के काम को आगे ले जाना। भारती बताती हैं कि अपनी सोच को बदला।
ममता के साथ पिता का अनुशासन भी बेटे के साथ व्यवहार में शामिल किया। ठान लिया कि अपने बेटे को इस काबिल बनाऊंगी कि वो अपने पिता की ओर से खड़ा किए गए काम को अच्छी तरह से संभाल सके। ऐसा हुआ भी। आज मेरा बेटा जय गंभीर मेरे साथ टूंडला और आगरा की दोनों गैस एजेंसियों को संचालित कर रहा है।