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शिक्षा विभाग के बाबू ने शिक्षक से मांगी 10 हजार रुपये रिश्वत, एंटी करप्शन टीम ने रंगेहाथ पकड़ा

Fri, 11 Oct 2019 08:59 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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अछनेरा थाना में एंटी करप्शन की टीम बाबू पर कर ही कानूनी कार्रवाई - फोटो : अमर उजाला
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आगरा में एंटी करप्शन टीम ने शुक्रवार को एबीएसए अछनेरा कार्यालय में तैनात लिपिक को रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा। आरोपी बाबू के खिलाफ थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। बाबू ने एक प्रधानाध्यापक से 10 हजार रुपये रिश्वत मांगी थी। 
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फिरोजाबाद के थाना जसराना के गांव दारापुर मिलावली निवासी शैलेंद्र कुमार सिंह पुत्र दफेदार सिंह विकास खंड अछनेरा के गांव गढ़ीमा में स्थित प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक पद पर तैनात हैं। 

आरोप है कि शैलेंद्र ने खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय अछनेरा में तैनात कनिष्ठ लिपिक प्रबल दुबे से मार्च 2017 से जून 2018 तक के एरियर का भुगतान कराने के लिए कहा। जिस पर लिपिक ने प्रधानाध्यापक से काम करने के एवज में 10 हजार रुपये घूस मांगी। 
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बाबू को रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा

प्रधानाध्यापक शैलेंद्र कुमार ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन के अधिकारियों से की। शैलेंद्र कुमार शुक्रवार को दोपहर करीब 1:30 बजे एबीएसए के कार्यालय पर पहुंचे। वह बाबू प्रबल दुबे को 10 हजार रुपये दे रहे थे, तभी एंटी करप्शन के अधिकारियों ने बाबू को रंगे हाथ पकड़ लिया। 

इसके बाद वो बाबू को लेकर थाना अछनेरा गए। उसे हवालात में बंद कर दिया। एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई से शिक्षा विभाग विकास खंड अछनेरा में खलबली मच गई। अधिकारियों ने मामले में लिपिक प्रबल दुबे के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। 

बीआरसी पर छाया सन्नाटा

एंटीकप्शन की टीम द्वारा लिपिक प्रबल दुबे की गिरफ्तारी के बाद बीआरसी पर खलबली मच गई। एंटी करप्सन टीम के निरीक्षक रामपाल सिंह और महेश चंद्र गौतम ने बताया कि प्रबल दुबे के खिलाफ शिक्षक शैलेंद्र कुमार ने शिकायत की थी, उसी के आधार पर टीम ने यह कार्रवाई की है।  
                       
पहले भी मिलती रही हैं बिल बाबू के खिलाफ शिकायतें

प्रबल दुबे के खिलाफ पहले भी शिकायतें मिलती रही हैं। पर, शिकायतकर्ता सामने नहीं आते थे। शिकायतकर्ता शैलेंद्र कुमार ने बताया कि पुराने वेतन व एरियर को निकालने के लिए उनसे रुपयों की मांग की गई थी। बाबू उनसे कहता था कि पैसा ऊपर तक पहुंचाना पड़ता है। 
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