आगरा। बकाया स्टांप शुल्क की वसूली के लिए बुधवार को प्रशासन ने अंसल हाउसिंग एंड कंस्ट्रक्शन लिमिटेड की करोड़ों रुपये की संपत्ति कुर्क की गई। ताजगंज मौजा बगदा स्थित दफ्तर को सील किया है। लंबे समय से बकाया जमा नहीं करने पर बिल्डर के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
बकाया राजस्व और स्टांप शुल्क वसूली के लिए जिला प्रशासन लगातार अभियान चला रहा है। डीएम मनीष बंसल के निर्देश पर एसडीएम सदर सचिन राजपूत ने कार्रवाई के लिए टीम बनाई। नायब तहसीलदार अनिल चौधरी के साथ टीम अंसल हाउसिंग एंड कंस्ट्रक्शन के ठिकानों तक पहुंचीं। राजस्व टीम ने ताजगंज क्षेत्र के मौजा बगदा पहुंचकर कंपनी की संपत्ति को कुर्क कर लिया और वहां संचालित दफ्तर पर सील लगा दी। प्रशासन ने कुर्की का आदेश 20 अप्रैल को जारी किया था, जिस पर अब अमल किया गया है।
प्रशासनिक जानकारी के अनुसार, अंसल हाउसिंग ने साल 2006 में मौजा बगदा में करीब तीन बीघा (खसरा संख्या 306, खाता संख्या 00018) जमीन खरीदी थी। इस जमीन की रजिस्ट्री के दौरान देय 24.88 लाख रुपये का स्टांप शुल्क कंपनी द्वारा जमा नहीं किया गया था। बार-बार नोटिस दिए जाने के बावजूद जब यह शुल्क जमा नहीं हुआ, तो समय के साथ ब्याज जुड़कर कुल रिकवरी राशि 1.67 करोड़ रुपये के पार पहुंच गई।
संपत्ति की खरीद-फरोख्त पर पूर्ण प्रतिबंध
प्रशासन ने आरसी प्रपत्र-41 (नियम-158 और 162 के तहत) की कार्रवाई करते हुए भूमि और अन्य अचल संपत्तियों को जब्त किया है। कुर्की नोटिस में कंपनी के अधिकृत प्रतिनिधि किशन कुमार पुत्र दुर्गा प्रसाद, निवासी शिवनगर, आगरा का नाम डिफॉल्टर के रूप में दर्ज है। प्रशासन ने चेतावनी जारी की है कि जब्त की गई संपत्ति के किसी भी प्रकार के हस्तांतरण, बिक्री, दान या अन्य रूप से लेन-देन पर पूर्णत: रोक लगा दी गई है। यदि कोई व्यक्ति इस संपत्ति को खरीदने या प्राप्त करने का प्रयास करता है, तो उसके खिलाफ भी विधिक कार्रवाई की जाएगी।