रिश्वत लेते गिरफ्तार (साकेंतिक तस्वीर)
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फिरोजाबाद के सीएमओ कार्यालय में पकड़े गए बाबुओं का खुद का लालच ही सलाखों के पीछे पहुंचाने का कारण रहा। पीड़ित एएनएम ने पकड़े गए बाबुओं को कई बार फोन पर और कार्यालय जाकर चेताया था। जेल भिजवाने की धमकी भी दी।
स्वास्थ्य केंद्र रुकनपुरा पर संजोगिता और संतनगर पर तैनात सोनी चौहान की अप्रैल 2022 से वेतन वृद्धि नहीं आई थी। जबकि अन्य एएनएम की वेतन के साथ वेतन वृद्धि भेज दी गई थी। जब संजोगिता ने लेखा लिपिक अनुराग सविता से वेतन वृद्धि न आने की बात कही तो लिपिक ने रिश्वत मांगना शुरू कर दिया। संजोगिता ने रिश्वत न देकर सीएमओ कार्यालय के ई-मेल पर भी यह शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद भी वेतन वृद्धि नहीं आई तो एएनएम सीएमओ कार्यालय के डिस्पेच में भी अपनी शिकायत करके आई।
एएनएम संजोगिता ने आरोपी लिपिक को कई बार समझाया था कि रिश्वत न मांगे। एएनएम ने यह भी कहा कि तुम्हारी संविदा की नौकरी है, रिश्वत में पकड़े गए तो बच्चे परेशान हो जाएंगे। लिपिक इन बातों को हल्के में लेता रहा और रिश्वत मांगता रहा। आखिर दोनों रिश्वत लेते हुए लिपिक पकड़े गए। पीड़ित एएनएम संजोगिता और सोनी चौहान फुफेरी बहन हैं। सीएमओ डॉ. नरेंद्र कुमार ने बताया कि कार्रवाई वाली टीम की ओर से अभी आख्या नहीं मिली है। आख्या प्राप्त होते ही शासन की गाइडलाइन के अनुसार कार्य करेंगे। इस संबंध में जांच भी कराएंगे कि वेतन वृदि् क्यों जारी नहीं हुई थी।
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सुबह आठ बजे आ गई थी टीम
सुबह आठ बजे एंटी करप्शन टीम की 10 सदस्यीय टीम फिरोजाबाद के छदामीलाल मंदिर पर आ गई थी। यहां डीएम कार्यालय से दो कर्मचारियों को साथ लिया। इसके अलावा दोनों ही एएनएम टीम में शामिल हो गई। जब रिश्वत देने के लिए सीएमओ कार्यालय दोनों एएनएम पहुंची तो उनके साथ टीम की दो महिला सदस्याएं भी पहुंचीं। पकड़े गए लिपिकों ने पूछा कि दोनों महिलाएं कौन है तो एएनएम ने अपनी बुआ की बेटी बताया। 12.28 मिनट पर एएनएम ने दोनों बाबूओं को रुपये हाथ में थमाए। 12.30 मिनट पर एंटी करप्शन टीम ने रंगे हाथ दोनों लिपिकों को पकड़ लिया।
कार्रवाई के दौरान अफरातफरी
सीएमओ कार्यालय में सोमवार को भीड़ थी। जैसे ही एंटी करप्शन टीम ने दोनों लिपिकों को पकड़ा तो कार्यालय में खलबली मच गई। पकड़े गए बाबू भी स्वयं नहीं समझ सके कि आखिर क्या हुआ है। कार्रवाई के बाद सीएमओ कार्यालय के अन्य लोग भी बाहर भाग गए और कुछ देर फोन भी नहीं उठा रहे थे। यह टीम का एक अधिकारी भी टारगेट थे।