आगरा नगर निगम ने हाउस टैक्स जमा करने की प्रणाली पूरी तरह से बदलकर नई व्यवस्था शुरू कर दी है, जिसे शुक्रवार से लागू किया जा रहा है। आगरा प्रदेश का ऐसा पहला शहर बन गया, जहां एंड्रायड बेस टैक्स कलेक्शन सिस्टम लागू किया गया है। जिसमें घर पर ही एटीएम कार्ड, चेक या नगदी के साथ ऑनलाइन हाउस टैक्स जमा कर पाएंगे।
महापौर नवीन जैन ने नगर निगम के कार्यकारिणी कक्ष में एक्सिस बैंक द्वारा सीएसआर एक्टिविटी में दी गई टैक्स कलेक्शन मशीनों को पेश किया। उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था पूरी तरह से डिजिटल रहेगी। घर बैठे करदाता हाउस टैक्स जमा कर पाएंगे। निगम के राजस्व निरीक्षकों को एंड्रायड आधारित हैंड हेल्ड मशीनें दी गई हैं, जिनसे कंप्यूटराइज्ड रसीद तुरंत मिलेगी।
निगम के राजस्व निरीक्षण घर घर पहुंचेंगे और वहीं पर सर्वर से जुड़ी एंड्रायड बेस टैक्स मशीनों से एटीएम, चेक या नगदी देकर हाउस टैक्स जमा कर पाएंगे। टैक्स जमा करते ही वेबसाइट पर भुगतान की जानकारी मिलेगी और करदाता के मोबाइल पर भी मैसेज आ जाएगा। इन डिवाइस को एक्सिस बैंक ने दिया है।
ट्रेनिंग के बाद आरआई को बांटी गई मशीनें
ऑनलाइन एंड्रायड बेस्ड टैक्स कलेक्शन सिस्टम के डेमो के बाद महापौर नवीन जैन ने नगर निगम के राजस्व निरीक्षकों, कर निर्धारण अधिकारियों को मशीनों का वितरण किया। अब निगम के अधिकारी इन मशीनों के जरिए पूरा रिकॉर्ड अपडेट कर पाएंगे और कॉमर्शियल के साथ हाउस टैक्स जमा करा सकेंगे। इस व्यवस्था में वह करदाता के टैक्स का भुगतान किश्तों में भी ले पाएंगे। बची रकम ऑनलाइन रिकॉर्ड में नजर आती रहेगी।
नई प्रणाली में सब पारदर्शी
महापौर नवीन जैन ने बताया कि नई टैक्स प्रणाली में सब कुछ पारदर्शी है। जो टैक्स आपने जमा किया है, वह रिकॉर्ड में दिखाई देने लगेगा। कंप्यूटराइज्ड रसीद मिलेगी, जिसमें यह गड़बड़ी नहीं हो पाएगी कि करदाता ने ज्यादा रुपये दिए और निगम में कम जमा कराए गए। हर तरीके से भुगतान के विकल्प इसमें दिए गए हैं।
नहीं होगा जानकारी का अभाव
नगर आयुक्त अरुण प्रकाश ने बताया कि किस घर का कितना टैक्स बकाया है, यह सब कुछ मशीनों में दर्ज है। क्षेत्र के बड़े बकाएदारों से लेकर हर घर का ब्यौरा इनमें है। इससे अभिलेखों में और कर वसूली कर्मचारियों के बीच जानकारी का अभाव नहीं रहेगा।
डिवाइस में देख पाएंगे अपने टारगेट और वसूली
अपर नगर आयुक्त विनोद गुप्ता ने बताया कि नई व्यवस्था में क्षेत्र के राजस्व निरीक्षक, वसूलीकर्ता और कर अधीक्षक, कर निर्धारण अधिकारियों का वार्षिक, मासिक, साप्ताहिक और दैनिक लक्ष्य का पूरा ब्यौरा ऑटोमेटिक डैशबोर्ड पर उपलब्ध रहेगा, जिससे कर्मियों को अपने कार्य का आंकलन करने में सुविधा रहेगी और उनकी कार्यक्षमता में वृद्धि भी होगी।
नई टैक्स व्यवस्था से ये होगा फायदा
- घर पर ही डेबिट, क्रेडिट कार्ड, चेक, नगद देकर टैक्स देने की सुविधा
- हाथ से लिखी नहीं, बल्कि डिवाइस से कंप्यूटराइज्ड रसीद मिलेगी
- करदाता को हाउस टैक्स देने के बाद एसएमएस से भुगतान की पुष्टि मिलेगी
- करदाता अपने हाउस टैक्स का ब्यौरा नगर निगम वेबसाइट पर देख पाएंगे
- 3.10 लाख करदाताओं का रिकॉर्ड डिजिटल रूप में किया जा चुका
- हर दिन चालान बनाने की जरूरत नहीं, बैंक में चालान का प्रिंट लेकर जमा कराएं
ऐसे कर पाएंगे टैक्स जमा
नगर निगम के कर निरीक्षक और कर निर्धारण अधिकारी जब हाउस टैक्स जमा कराने के लिए घर पहुंचेंगे तो उनके हाथों में एंड्रायड बेस्ड टैक्स कलेक्शन डिवाइस होगी। उसमें गृहस्वामी अपने घर का टैक्स देख सकते हैं। अगर नगद जमा नहीं कर सकते तो बैंक के एटीएम या क्रेडिट कार्ड को डिवाइस में स्वाइप कराने के बाद पिन कोड डालना होगा।
पिन कोड के बाद भुगतान हो जाएगा और ऑटोमेटिक भुगतान की रसीद प्रिंट होकर आ जाएगी। जो भुगतान किया गया है, उसका मैसेज गृहस्वामी के मोबाइल पर आएगा और अकाउंट अपने आप ही 24 घंटे के अंदर अपडेट हो जाएगा।