अनंत चतुर्दशी पर कलाई पर बांधे जाते हैं धागे
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भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप लेने के बाद अनंत चौदस हिंदी महीने भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को मनाया जाता है। भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए अंनत चौदस पर व्रत रखा जाता है। आगरा की ज्योतिषाचार्य पूनम वार्ष्णेय ने बताया कि अनंत चतुर्दशी के दिन मंगल, बुध और सूर्य कन्या राशि में विराजमान होंगे। अत: मंगल, बुध आदित्य योग का निर्माण हो रहा है।
इस दिन पूजा के बाद हाथों में अनंत सूत्र या अनंत बांधा जाता है। यह अनंता शुद्ध रेशम या कपास के सूत्र से 14 गांठ लगाकर बनाया जाता है। प्रात: काल अक्षत, दूर्वा और हल्दी से पूजा करके इसके सामने हवन करके तब पुरुष इसे अपने दाहिने हाथ में और महिलाएं बाएं हाथ में बांधें। यह अनंता दीर्घायु और अनंत जीवन का प्रतीक माना जाता है।
ज्योतिषाचार्य ने बताया कि मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु ने सृष्टि की रचना के लिए 14 लोकों का निर्माण किया था। उन सभी लोकों की रक्षा के लिए उन्होंने अनंत रूप धारण किया। श्री हरि विष्णु जी का व्रत करने वाले व्यक्ति को श्री विष्णु सहस्त्रनाम का जाप करना चाहिए। इसी दिन गणपति विसर्जन किया जाता है।