अनामिका शुक्ला प्रकरण के बाद एक के बाद एक शिक्षा विभाग में फर्जी तैनाती की शिकायतें आ रही हैं। घिरोर विकास खंड में एक व्यक्ति ने मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजकर प्रशिक्षण के बाद भी नौकरी दूसरे व्यक्ति को देने की शिकायत की है।
मामला घिरोर विकास खंड के नगला पुनू से जुड़ा है। यहां के निवासी स्वामीशरन ने मुख्यमंत्री को भेजे शिकायती पत्र में कहा है कि वर्ष 2005-06 में ग्राम पंचायत ने गांव के प्राथमिक स्कूल में शिक्षामित्र नियुक्त करने का प्रस्ताव किया था।
प्रथम वरीयता के आधार पर गांव के ही स्वामीशरन पुत्र भजन लाल का चयन हुआ तो उसे तीस दिन का शिक्षामित्र प्रशिक्षण भी दिया गया। आरोप है कि प्रस्ताव से उसके नाम को हटाकर अपात्र रामजीलाल पुत्र बदन सिंह को शामिल कर शिक्षामित्र बना दिया। शिकायतकर्ता ने तत्कालीन बीएसए और पूर्व लिपिक पर मिलीभगत कर फर्जी नियुक्ति कराने का आरोप लगाया है।
शिकायत मिलने के बाद जांच कराई जा रही है। हालांकि मामला 14 साल पहले का है। पूर्व में उन्हें इस संबंध में कोई शिकायत नहीं मिली।
विजय प्रताप सिंह, बीएसए