फॉर्मेसी कर चुके महेश ने ईवी को ब्रज दर्शन कराना प्रारंभ किया। इसी दौरान इन दोनों के बीच प्यार ने भी अपना स्थान बनाना शुरू कर दिया। ईवी की मानें तो वो भारतीय संस्कृति से इतना प्रभावित हुई कि उन्होंने भारतीय युवक और यहां के रीति-रिवाज से शादी करने का फैसला किया।
शुक्रवार को महेश-ईवी दूल्हा-दुल्हन के लिबास में सज-धजकर मंदिर पहुंचे। आचार्य ब्रजकिशोर गोस्वामी ने विवाह की रस्में संपन्न कराईं। दूल्हा-दुल्हन ने एक दूसरे को अंगूठी पहनाने के बाद जयमाला डाली गई। अग्नि को साक्षी मनाकर सात फेरे लिए। महेश ने विदेशी दुल्हन ईवी की मांग में सिंदूर भरा।
इस दौरान महेश की मां रंजना, पिता पोपट राव, मामा संतोष और चाचा बाबाजी मौजूद रहे। ईवी की मां शादी में नहीं आ सकीं। महेश ने बताया कि वो भी वीजा बनवाकर जल्द उनकी मां का आशीर्वाद लेने अमेरिका जाएंगें। शादी के बाद दोनों गिरिराजजी की परिक्रमा करने चले गए।