आगरा। सरकारी एंबुलेंस सेवा की हड़ताल से घायलों को एंबुलेंस नहीं मिली। गर्भवती महिलाओं और प्रसूताओं को ऑटो-निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ा।
स्थायी नियुक्ति, ठेका प्रथा बंद करने समेत पांच मांगों के लिए 102, 108 एंबुलेंस सेवा का स्टाफ सोमवार से हड़ताल पर है। इसके कारण दूसरे दिन व्यवस्था और खराब हो गई। सड़क हादसों में घायल और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल जाने के लिए एंबुलेंस नहीं मिल पाई। ऐसें में निजी एंबुलेंस और निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ा। अस्पताल से डिस्चार्ज होने वाली प्रसूताओं को भी दिक्कत हुई। इन्हें भाड़े पर ऑटो से घर जाना पड़ा।
81 एंबुलेंस बंद, नौ चालू
इमरजेंसी सेवा के लिए नौ एंबुलेंस चलाई जा रही हैं, बाकी के 81 एंबुलेंस बंद हैं। डीएम के साथ बैठक भी हुई्, जिसमें पांचों मांग पूरी होने के बाद ही हड़ताल खत्म करने की बात कही है। - अरविंद सिंह, जीवनदायिनी स्वास्थ्य विभाग 108, 102
फोन नहीं उठा तो पत्नी को ऑटो से लाना पड़ा
शहीद नगर के शहजाद खान ने बताया चिक पत्नी हिना के प्रसव पीड़ा होने पर एंबुलेंस केे फोन मिला, कई बार मिलाने पर ही उठा नहीं। पीड़ा बढ़ने पर ऑटो किराए पर किया और अस्पताल लेकर आया। पूरी रास्ते दर्द से पत्नी कराहती रही।
एंबुलेंस नहीं मिली तो निजी वाहन मंगवाना पड़ा
फतेहपुर सीकरी के सत्यवीर सिंह ने बताया कि साली श्वेता को दो दिन पहले 102 एंबुलेंस सेवा लेडी लॉयल में भर्ती करा गई थी। प्रसव होने के बाद हड़ताल के चलते एंबुलेंस मिली नहीं, ऐसे में निजी वाहन मंगवाना पड़ा।
पत्नी को घर ले जाने को 200 रुपये में किया ऑटो
नंदलालपुर निवासी सहदेव कुमार ने बताया कि उनकी पत्नी तेजवती की लेडी लॉयल से डिस्चार्ज कर दिया था, लेकिन एंबुलेंस नहीं मिली। स्टाफ ने बताया कि हड़ताल है, ऐसे में ऑटो किराए पर लेकर आए, 200 रुपये देने पड़े।
कर्मियों ने मना किया
पत्नी की तबियत खराब होने पर एंबुलेंस सेवा को फोन भी मिलाया, लेकिन हड़ताल के कारण मना कर दिया। ऐसे में मजबूरी में भाड़े पर ऑटो करना पड़ा। - अजीत सोनी, शाहदरा
150 रुपये में किया ऑटो
आर्थिक तंगी के कारण पत्नी को लेडी लॉयल में भर्ती कराया था, डिस्चार्ज होने के बाद 150 रुपये ऑटो के देने पड़े। हड़ताल से परेशानी हो रही है। - शाहरुख खान, टेढ़ी बगिया