प्रबंध: दो की जगह चार सिलिंडर की खपत
एंबुलेंस संचालक तारा चंद ने बताया कि कोविड मरीजों को रेफर करते समय ऑक्सीजन का हाईफ्लो देना पड़ रहा है। 14 से 16 लीटर ऑक्सीजन फ्लो पर मरीजों को शिफ्ट करना होता है। ऐसे में 200 किमी में जहां पहले दो सिलिंडर से काम चल जाता था वहां अब चार सिलेंडर की जरूरत पड़ रही है।
परेशानी: शिफ्ट करने में तीन-तीन घंटे इंतजार
जिन एंबुलेंस में ऑक्सीजन है उनको अस्पताल पहुंचने पर मरीज को एंबुलेंस से बेड तक शिफ्ट करने में तीन-तीन घंटे इंतजार करना पड़ रहा है। क्योंकि उन्हें बिना ऑक्सीजन सपोर्ट के शिफ्ट नहीं किया जा सकता। इसके लिए अस्पताल से ऑक्सीजन सिलिंडर मिलता है लेकिन ऑक्सीजन की कमी के कारण मरीजों को अस्पताल से समय पर सिलिंडर नहीं मिल रहा। इसलिए उन्हें शिफ्ट करने में भी बहुत समय बर्बाद हो रहा है।
कालाबाजारी: चार गुना बढ़ गई सिलिंडर की कीमत
एक सप्ताह पहले तक पहले बड़े ऑक्सीजन सिलिंडर 400 से 500 रुपये में मिलता था, सिलिंडर 200 से 300 रुपये में। परंतु संक्रमित बढ़ने से ऑक्सीजन सिलिंडर की आपूर्ति कम पड़ रही है। इस समय बड़ा सिलेंडर 1500 से 2000 और छोटा 700 से 1000 रुपये में बिक रहा है।
शिकायत: प्रशासन से नहीं मिल रहा सहयोग
यूपी एंबुलेंस ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष रवि सिसौदिया ने कहा कि रविवार को ऑक्सीजन सिलिंडर न होने के कारण 665 एंबुलेंस नहीं चल पाईं। एंबुलेंस के लिए ऑक्सीजन नहीं मिलने की समस्या के संबंध में जिलाधिकारी कार्यालय फोन किया था। कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। फिर औषधि निरीक्षक से संपर्क किया, उन्होंने कहा मैं थोड़ी देर बाद बात करूंगा।
दलील: दो दिन का समय लगेगा
जिलाधिकारी प्रभु एन. सिंह ने कहा कि अस्पतालों को ऑक्सीजन सप्लाई हो रही है। एंबुलेंस के लिए भी उपलब्ध कराई जाएगी। व्यवस्था को सुचारू होने में दो दिन का समय लगेगा। हमारी टीमें पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित कराने में जुटी हुई हैं।