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हड़ताल : एंबुलेंस कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच वार्ता विफल

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कासगंज में हड़ताल कर रहे एंबूलेंस चालकों से वार्ता करते एडीएम एके श्रीवास्तव, एएसपी आदित्य वर्म? - फोटो : KASGANJ
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कासगंज। मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे एंबुलेंस चालकों की हड़ताल से चरमराई एंबुलेंस सेवाएं तीसरे दिन भी ढर्रे पर नहीं लौट पाईं। अधिकारियों और आंदोलनकारियों के बीच बुधवार दोपहर को चली लंबी वार्ता बेनतीजा रही। हालांकि आंदोलनकारियों ने अफसरों को यह भरोसा जरूर दिया है कि आपातकालीन स्थिति के लिए आरक्षित रखी गईं चार एंबुलेंस सेवाएं देती रहेंगी।
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मांगों को लेकर प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर जिले के एंबुलेंस चालक और उनके सहायक हड़ताल पर हैं। जिससे स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो गई हैं। हड़ताल से लोगों को होती समस्या के मद्देनजर प्रशासन ने गंभीरता दिखाई। बुधवार को एडीएम एके श्रीवास्तव, एएसपी आदित्य वर्मा, एसडीएम ललित कुमार, सीओ सिटी आरके तिवारी, कोतवाली प्रभारी विनोद मिश्रा हड़ताली कर्मचारियों से वार्ता के लिए जिला अस्पताल मामो पहुंचे।
यहां उन्होंने हड़ताल का नेतृत्व कर रहे जीवनदायिनी स्वास्थ्य विभाग एलेंस कर्मचारी संघ के प्रतिनिधि मंडल से वार्ता की। लगभग 2 घंटे तक अफसरों और आंदोलनकारियों के बीच वार्ता होती रही, लेकिन कोई सकारात्मक नतीजा नहीं निकला। अफसरों ने संगठन के पदाधिकारियों से सहयोग की अपेक्षा करते हुए कहा कि वे जनहित में एम्बूलेंस का संचालन शुरू कर दें।
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इधर पदाधिकारी अपनी मांगों को लेकर जिद पर अड़े रहे। अंत में तय हुआ कि पदाधिकारियों की ओर से लिखित रूप से मांगों का पत्र सीएमओ और उपजिलाधिकारी को दिया जाएगा। शाम तक न तो सीएमओ और न ही एसडीएम को कोई पत्र मिल सका है। इधर हड़ताल जारी है। एंबूलेंस की हड़ताल से लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। वार्ता के दौरान संगठन की ओर से जिलाध्यक्ष अखिलेश कुमार, जिला महामंत्री ज्ञानेंद्र सिंह मौजूद रहे।
आंदोलनकारियों से वार्ता की और उन्हें आश्वस्त किया कि उनकी मांगे उचित माध्यम से शासन तक भेजी जाएंगी। वे एम्बूलेंस का संचालन शुरू कर दें। पदाधिकारियों ने भरोसा दिया है कि वे लिखित रूप से पत्र देने के बाद संचालन शुरू करेंगे। - एके श्रीवास्तव, एडीएम
दोपहर को हुई वार्ता के बाद शाम तक कोई लिखित पत्र पदाधिकारियों की ओर से नहीं मिला है। जैसे ही मांगों का लिखित पत्र मिल जाएगा उच्चाधिकारियों को भेज देंगे। संगठन के पदाधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि वे सिर्फ सांकेतिक हड़ताल रखें। - डा. अनिल कुमार, सीएमओ।
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