डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की नर्सिंग परीक्षा का मूल्यांकन सवालों के घेरे में हैं। विवि ओर से पूर्व में हुए मूल्यांकन की जब पैनल से जांच करवाई गई तो फेल 44 विद्यार्थियों में से 14 छात्रों का परिणाम बदल गया। इससे आंदोलनकारी छात्र सवाल उठा रहे हैं।
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की बीएससी नर्सिंग सत्र 2018-19 और 2019-20 बैच के छात्रों ने सोमवार को प्रदर्शन किया था। छात्र परीक्षा परिणाम में गड़बड़ी, विवि प्रशासन पर मनमानी का आरोप लगाते हुए पानी की टंकी पर चढ़ गए। देर रात छात्रों फिर से मूल्यांकन कराने का आश्वासन देकर उतारा गया।
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इसके बाद मंगलवार को फिर से छात्र धरने पर आ गए। छात्र सचिन ने आरोप लगाया कि विवि प्रशासन उन्हें जानबूझकर बार-बार एक ही विषय मेडिकल सर्जिकल नर्सिंग (एमएसएन) में फेल किया जा रहा है। छात्रों का कहना था कि वह अन्य पेपर में पास हो रहे हैं, लेकिन ऐसा कैसे हो सकता है कि एक पेपर में पास नहीं हो पा रहे हैं।
हेमा का कहना है कि अगर हमने पढ़ाई नहीं की तो बाकी विषयों में कैसे पास हो गए। उधर, कुलसचिव राजेश कुमार के निर्देश पर मंगलवार को 9 सदस्यीय पैनल ने प्रदर्शनकारी 44 छात्र-छात्राओं की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया। जांच के बाद 14 छात्रों के परिणाम को उत्तीर्ण करने का फैसला लिया।
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इसी के बाद नर्सिंग के छात्रों ने मूल्यांकन पर किए गए अपने दावों को सही बताते हुए सवाल खड़े करने शुरू कर दिए हैं। छात्रों का आरोप है कि विवि की ओर से कराए गए मूल्यांकन में खामियां हैं। वहीं विवि प्रशासन ने आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। परीक्षा नियंत्रक डॉ. ओमप्रकाश का कहना है कि चैलेंज मूल्यांकन में पूर्व में जो 14 छात्र पास हुए थे, पैनल ने भी उन्हीं को पास माना है। मूल्यांकन में कोई गड़बड़ी नहीं मिली है।