हिंदी एक ऐसी भाषा है जो लोगों के हृदय में वास करती है। हिंदी लोगों के हृदय में इतनी गहराई तक बैठ गई है उसे बाहर निकाला नहीं जा सकता है। हिंदी भाषा के उत्थान और विकास के लिए सरकार को और प्रयास करने होंगे। मैनपुरी में बुधवार को महिलाओं ने बेबाकी से अपनी राय हिंदी भाषा के प्रति रखी।
सीमा यादव ने कहा कि हिंदी भारत के लोगों के मन और वचन की भाषा है। हिंदी भाषा में जो गुण हैं, वह अन्य किसी भाषा में नहीं मिल सकते। हिंदी लोगों के अंदर उत्पन्न होने वाली भावनाओं की भाषा है। यह हृदय की गहराइयों में अपना स्थान रखती है। इस भाषा के विकास के लिए सरकार को अधिक से अधिक प्रयास करने चाहिए।
विनीता देवी ने कहा कि हिंदी वह भाषा है जो बिना किसी दबाव के लोगों के दिल और दिमाग पर अपना प्रभाव बनाती है। ऐसी भाषा के विकास के लिए हम सभी को मिलकर प्रयास करना चाहिए। हिंदी की उन्नति पर ही भारतीय संस्कृति की उन्नति संभव है। शासन और प्रशासन को भी नीति बनानी चाहिए।