हिंदी हैं हम: कल्पना राजौरिया, अशोक अनुरागी और पूरनपाल सिंह (क्रमश:)
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सफलता के लिए लोग अंग्रेजी एवं अन्य भाषाओं को महत्व देते हैं। हिंदी भाषा सफलता के द्वार भी खोलती है। फिरोजाबाद जिले में कई ऐसे लोग हैं, जिन्होंने अंग्रेजी, विज्ञान में जीवन भर शिक्षा हासिल की, सफलता पाने के लिए हिंदी को अपनाया। यह लोग स्वयं मानते हैं कि मातृभाषा हिंदी सफलता और सम्मान की भाषा है। लोगों का भ्रम है कि हिंदी से सफलता नहीं मिलती।
'शिक्षक हूं रसायन विज्ञान का, हिंदी से है मेरी पहचान'
राजकीय कॉलेज के प्रधानाचार्य अशोक अनुरागी की नियुक्ति रसायन विज्ञान के प्रवक्ता में हुई थी। किंतु उन्हें हिंदी के रूप में लोग पहचानते हैं। उन्होंने कहा कि कविताएं, कहानियां लिखने का शौक बचपन से रहा। इसलिए मंचों पर जाकर कविताएं सुनाने लगे। शासन-प्रशासन के प्रमुख कार्यक्रमों में हमेशा संचालन करने का मौका मिलता है। वह कहते हैं कि शिक्षक तो कई और भी हैं। मगर मेरी पहचान हिंदी विषय से हुई है। मातृभाषा को बढ़ावा मिलना चाहिए, जो लोग सोचते हैं कि हिंदी से पीछे रह जाएंगे, मेरा अनुभव है कि हिंदी सफलता और सम्मान का रास्ता खोलती है।