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देशभक्ति की खुशबू बिखेर रहा है अमर उजाला का अभियान 'मां तुझे प्रणाम'

Sat, 04 Aug 2018 11:44 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
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मां तुझे प्रणाम - फोटो : अमर उजाला
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अमर उजाला के ‘मां तुझे प्रणाम’ ने देशभक्ति की ऐसी अलख जगाई कि हर घर तक इसकी खुशबू पहुंच रही है। शहर-देहात तक आजादी के नायकों को नमन करने के लिए कार्यक्रम होने लगे। शुक्रवार को अमर उजाला कार्यालय में हुई विचार गोष्ठी में चिकित्सक यही बोले। 
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उन्होंने कहा कि आजादी के लिए कितनी कुर्बानी देनी पड़ी नई पीढ़ी को बताना हमारी जिम्मेदारी में शामिल होना चाहिए। डॉक्टरों ने तय किया 15 अगस्त के दिन वह अपने अस्पताल, क्लीनिकों में सुबह 10 बजे सामूहिक राष्ट्रगान का आयोजन करेंगे। 

वहीं अमर उजाला के मां तुझे प्रणाम ‘विश्वास की विरासत’ से जुड़ने के लिए युवा शक्ति भी पूरी तरह से तैयार है। बैठक में छात्र नेताओं और छात्रों ने प्रतिभाग किया। आयोजन को भव्यता प्रदान करने के लिए सुझाव दिए। सभी ने आश्वस्त किया कि वह लोगों से अपील करेंगे कि 15 अगस्त के दिन सुबह 10 बजे 52 सेकेंड एक साथ राष्ट्रगान करें। 
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डॉक्टर्स ने ये कहा

विचार गोष्ठी में मौजूद डॉक्टर - फोटो : अमर उजाला
डॉ. पार्थसारथी शर्मा ने कहा कि मां तुझे प्रणाम भारतीय संस्कृति का परिचायक बन गया है। लोगों में राष्ट्रवाद की अलख जगाए हुए है। यह कार्यक्रम अब आमजन का हो गया है। 

डॉ. नीतू चौधरी का कहना है कि राष्ट्रवंदन के साथ ही सामाजिक बुराइयों के खिलाफ खड़ा होना भी राष्ट्रभक्ति है। स्वच्छता, पर्यावरण रक्षा जैसे मुद्दों पर लोगों को गंभीर होना होगा। 

 डॉ. सुनील शर्मा बोले, राष्ट्रभक्ति दिखावे के लिए नहीं, इसके लिए मन में भाव होने जरूरी हैं। सैनिकों से ओपीडी फीस नहीं लेता, जांच और अन्य खर्चे में भी छूट करता हूं।

डॉ. नीतू चौधरी, डॉ. पार्थसारथी शर्मा, डॉ. डीवी शर्मा (क्रमश:) - फोटो : अमर उजाला
डॉ. डीवी शर्मा ने कहा कि मां तुझे प्रणाम ने नई पीढ़ी को राष्ट्रगान के सम्मान में 52 सेकेंड का महत्व बताया। कई तरह के कार्यक्रमों से पूरा शहर राष्ट्रभक्तिमय हो जाता है। 
 
डॉ. रविंद्र मोहन पचौरी ने कहा कि अमर उजाला का ये देशभक्ति कार्यक्रम बेजोड़ है। स्वतंत्रता कैसे मिली, इसका महत्व भी बताता है। आजादी का यह पर्व घनी बस्ती, गांवों तक भी पहुंचे। 

डॉ. कैलाश चंद्र सारस्वत का कहना है कि स्वतंत्रता दिवस पर चिकित्सक निशुल्क शिविर लगाएं। झंडारोहण के साथ इसमें जुटने वाले मरीजों को आजादी के नायकों के बारे में बताएं। 

डॉ. जेएन टंडन का कहना है कि स्कूल-कॉलेजों में वाद-विवाद, निबंध प्रतियोगिताएं हों। संगोष्ठी कराई जाएं, जिससे नई पीढ़ी को पता चले कि आजादी पाने के लिए कितनी कुर्बानी देनी पड़ी। 

डॉ. आरएस कपूर ने बताया कि मां तुझे प्रणाम स्वतंत्रता दिवस के लिए आगरा की पहचान बन चुका है। अमर उजाला के इस कार्यक्रम के शुरू होने का लोगों को इंतजार रहता है। 

डॉ. आलोक मित्तल ने कहा कि मां तुझे प्रणाम कार्यक्रम ने पूरे शहर को जोड़ लिया है। हर घर तक राष्ट्रगान के सम्मान में 52 सेकेंड खड़े होने का संदेश भी पहुंच रहा है। 
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डॉ. अंजलि भारद्वाज, डॉ. आलोक मित्तल, डॉ. प्रांजल माहेश्वरी, (क्रमश:) - फोटो : अमर उजाला
डॉ. प्रीति भारद्वाज ने कहा कि मां तुझे प्रणाम के तहत जल संरक्षण, पौधरोपण, स्वच्छ भारत जैसे मुद्दे भी शामिल किए जाएं। देशभक्ति के इस कार्यक्रम से लोगों में ज्यादा प्रभाव पड़ेगा।

डॉ. प्रांजल माहेश्वरी बोले, अमर उजला ने स्वतंत्रता दिवस को उत्सव बना दिया है। युवा, महिलाएं, विद्यार्थी सभी इस कार्यक्रम से जुड़कर राष्ट्रगान के लिए 52 सेकेंड रुकते हैं।
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