अमर उजाला में छपी खबर, और ओलंपियन 'जगबीर सिंह' की फाइल फोटो
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हॉकी के जादूगर नाम से प्रसिद्ध मेजर ध्यानचंद की जयंती पर देशभर में खेल दिवस मनाया जाता है। इस विशेष दिवस पर हम आगरा के ही एक ऐसे खिलाड़ी की बात करेंगे, जिसने भारतीय हॉकी का नाम राष्ट्रीय से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक रोशन किया। हम बात कर रहे हैं ओलंपियन 'जगबीर सिंह' की।
जगबीर सिंह 1980 और 1990 के दशक में भारतीय हॉकी टीम के प्रमुख स्ट्राइकर रहे। कई बार उन्होंने अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया और जीत दिलाई। आगरा को आज भी इंतजार है दूसरे जगबीर सिंह का, जो एक बार फिर हॉकी को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाए।
आगरा में पले बढ़े और अपनी मेहनत और खेल से देश-विदेश में भारतीय हॉकी का लोहा मनवाने वाले जगबीर सिंह आगरा में हॉकी की दुर्दशा से चिंतित नजर आए। उन्होंने बताया कि आगरा की यह बदकिस्मती रही कि यहां हॉकी उन ऊंचाइयों पर नहीं पहुंच सकी। यह चिंता का विषय भी है। इस पर सोचना चाहिए। ताकि आगरा में हॉकी का विकास हो और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी मिल सकें।
आगरा से निकलकर बने हॉकी टीम के कप्तान
जगबीर सिंह को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने का मौका साल 1985 में जूनियर विश्वकप में मिला। 1986 में सियोल एशियाड में भारतीय हॉकी टीम की ओर से शिरकत की। इसके बाद तो उनकी उपलब्धि दिन-ब-दिन बढ़ती गई। 1988 में सियोल ओलंपिक, 1989 में चैंपियंस ट्रॉफी, 1990 में बीजिंग एशियाड और 1990 में लाहौर विश्वकप जैसी हॉकी की प्रतिष्ठित प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व किया।
1990 में जगबीर पहली बार इंदिरा गांधी गोल्ड कप हॉकी टूर्नामेंट में भारतीय हॉकी टीम के कप्तान बने थे। 1992 मे बार्सिलोना ओलंपिक, 1993 में विश्व एकादश और 2004 एथेंस ओलंपिक में भारतीय हॉकी टीम के कोच भी रहे।
आगरा से पहला अर्जुन अवार्ड
आगरा के खेल इतिहास में यह भी पहला वाकया था जब किसी खिलाड़ी को अर्जुन अवार्ड से सम्मानित किया गया था। यह खबर अमर उजाला संस्करण में 21 मई 1992 को प्रकाशित हुई थी। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार से लक्ष्मण अवार्ड और यश भारती पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया।
विकास के लिए फुल साइज स्टेडियम जरूरी
आगरा में जब तक फुल साइज स्टेडियम नहीं होगा तब तक हॉकी का विकास नहीं होगा। स्टेडियम में फैसिलिटीज और आधुनिक ट्रेनिंग होगी तब खिलाड़ियों में उत्साह भी बढ़ेगा। हॉकी स्टेडियम बनने से राष्ट्रीय स्तर के टूर्नामेंट्स भी आगरा में होंगे। आगरा में जब ध्यानचंद टूर्नामेंट हुआ करता था तब दादा ध्यानचंद खुद आगरा आया करते थे। आगरा में फुल साइज हॉकी ग्राउंड ही मेजर ध्यानचंद की सच्ची श्रद्धांजलि होगी। —जगबीर सिंह-पूर्व कप्तान, भारतीय हॉकी टीम