आगरा के अमर होटल की बोर्ड मीटिंग में बड़े भाई मैनेजिंग डायरेक्टर रोमिंदर सिंह साहनी और छोटे भाई वाइस चेयरमैन जसविंदर सिंह साहनी के बीच विवाद हुआ था। दोनों ने एक-दूसरे के खिलाफ मुकदमे दर्ज कराए। पुलिस ने वाइस चेयरमैन के शस्त्र लाइसेंस निरस्तीकरण की रिपोर्ट दी थी। अब जसविंदर सिंह साहनी की लाइसेंसी डबल बैरल बंदूक और पिस्टल थाना रकाबगंज में जमा कराई गई हैं।
होटल अमर में चार अप्रैल को बोर्ड मीटिंग थी। इसमें मैनेजिंग डायरेक्टर रोमिंदर सिंह साहनी और उनके छोटे भाई वाइस चेयरमैन जसविंदर सिंह साहनी के बीच विवाद हुआ था। दोनों ने एक-दूसरे पर मारपीट और गालीगलौज के आरोप लगाए। रोमिंदर सिंह की तरफ से जसविंदर सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। वहीं जसविंदर सिंह ने भी भाई रोमिंदर सिंह साहनी और पिता अमर देव साहनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।
थानाध्यक्ष रकाबगंज राकेश कुमार ने बताया कि विवाद के बाद जसविंदर सिंह के शस्त्र लाइसेंस निरस्तीकरण की रिपोर्ट प्रशासन को भेजी गई थी। उन्हें नोटिस जारी किया गया था। जसविंदर सिंह साहनी की लाइसेंसी डबल बैरल बंदूक और पिस्टल थाना में जमा करा ली गई हैं। थानाध्यक्ष ने बताया कि रोमिंदर सिंह साहनी ने अपनी तरफ से शस्त्र लाइसेंस सरेंडर करने को कहा है। मगर, प्रार्थनापत्र नहीं दिया है। प्रार्थनापत्र मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बता दें अमर होटल की बोर्ड मीटिंग में संपत्ति विवाद को लेकर हुई मारपीट की घटना पुलिस जांच कर रही है। विवाद के दौरान लाइसेंसी पिस्टल निकाले और बट से प्रहार करने का आरोप भी सामने आया था। जिसके बाद पुलिस ने साफ कर दिया था कि यदि आरोप सही निकले तो शस्त्र लाइसेंस निरस्तीकरण की रिपोर्ट भेजी जाएगी। शस्त्र भी जब्त होंगे। साक्ष्य संकलन के लिए पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले हैं।
इस मामले में रोमेंद्र सिंह साहनी ने भी मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमे में अपने छोटे भाई जसविंदर सिंह को नामजद किया। आरोप था कि पिस्टल की बट से प्रहार किया गया। कर्मचारी नहीं बचाते तो भाई उन्हें लाइसेंसी हथियार से मार देता। मुकदमे में यह आरोप भी लगाया गया है कि आरोपी के पास दो-तीन लाइसेंसी हथियार भी हैं। वहीं जसविंदर सिंह ने भी अपने साथ मारपीट का आरोप लगाया था।