पंचायत सहायक पदों पर भर्ती में ग्राम प्रधानों पर मनमानी के आरोप लग रहे हैं। कहीं प्रधान अपने सगे-संबंधियों को भर्ती करवा रहे हैं, तो कहीं मानकों को ताक पर रख पात्र अभ्यर्थियों को अपात्र किया जा रहा है। प्रधानों की इस मनमानी के आगे प्रशासनिक अफसर भी बेबस नजर आ रहे हैं।
प्रत्येक ग्राम पंचायत में सचिवालय बनाए जा रहे हैं। जिनके लिए पंचायत सहायक पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है। पहले चरण में 90 सहायकों की भर्ती होनी है। जिसके लिए प्रधान, पंचायत सचिव की कमेटी बनी है। जो अभ्यर्थियों का शैक्षिक योग्यता में वरीयता के आधार पर चयन करेगी। चयनित अभ्यर्थियों की भर्ती डीएम की अध्यक्षता में बनी कमेटी करेगी। आरोप हैं कि प्रधान पात्रों की जगह अपात्रों का चयन कर रहे हैं। कई जगह अनियमितताएं हो रही हैं। सत्तारूढ़ भाजपा नेताओं के दवाब में प्रधान व अधिकारी भर्तियों में गड़बड़ियां कर रहे हैं।
केस-एक
खेरागढ़ तहसील में सैंया ब्लॉक के ग्राम बखतपुरा। अशोक कुमार ने डीएम दफ्तर में शिकायत दर्ज कराई है कि प्रधान ने उसकी पुत्री की जगह अपने रिश्तेदार को पंचायत सहायक पद पर भर्ती कराया है। प्रधान के रिश्तेदार की भर्ती निरस्त करने की मांग की गई है। डीएम ने डीपीआरओ को जांच सौंपी है।
केस-दो
एत्मादपुर तहसील में खंदौली ब्लॉक का गांव आंवलखेड़ा। रुचि परमार ने सीडीओ दफ्तर में शिकायत दर्ज कराई है कि प्रधान मानकों की अनदेखी कर अपने चहेतों को भर्ती करा रहा है। आवेदिका एमए-बीएड है, प्रधान तहसील के निवास प्रमाणपत्र को नहीं मान रहा। प्रधान के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।