सात साल पहले इटावा में एसपी आवास के पास हुई युवक की हत्या में उसकी पत्नी को मैनपुरी की एफटीसी (द्वितीय) जज तरन्नुम खान ने आरोप से बरी कर दिया गया है। सास, ससुर और साले सहित एक अन्य पर भी हत्या का आरोप लगाया गया था।
थाना बरनाहल के गांव हकीमपुर निवासी सुशील मोहन पांडेय की 28 मई 2015 को इटावा के थाना सिविल लाइन क्षेत्र में एसपी आवास के पास हत्या कर दी गई थी। सुशील की मां मालती देवी ने हत्या की रिपोर्ट मृतक की पत्नी अमृता, सास नीलम, ससुर महेश मिश्रा, साले ब्रजेश मिश्रा, विमल तिवारी सभी निवासी इटावा के खिलाफ दर्ज कराई थी। इटावा पुलिस ने जांच कर चार्जशीट इटावा की कोर्ट में भेज दी थी।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष घटना को साबित नहीं कर सका। बचाव पक्ष के वकील पूर्व डीजीसी सुभाषचंद्र यादव ने अभियोजन की कहानी में कमियां बताते हुए आरोपियों को बरी करने की दलील दी। दलीलों से सहमत होकर एफटीसी जज तरन्नुम खान ने सभी आरोपियों को हत्या के आरोप से बरी कर दिया है।