आलोक शाक्य को बनाया जिलाध्यक्ष
इस बार भी भाजपा से शाक्य प्रत्याशियों के नाम ही चल रहे थे। कहीं न कहीं भाजपा अपना वही पुराना कार्ड खेलने की तैयारी में थी। भाजपा ये कार्ड खेलती इससे पहले ही सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शाक्य कार्ड खेलकर भाजपा की रणनीति को चित कर दिया। उन्होंने भोगांव तीन बार के पूर्व विधायक और सपा में पूर्व मंत्री रहे आलोक शाक्य को जिलाध्यक्ष बनाकर अपनी चाल चल दी। अब अगर भाजपा मैनपुरी सीट जीतना चाहती है तो अब उसे शाक्य कार्ड के आगे ट्रंप कार्ड खेलना होगा।
अन्य वोट बैंक में भी है आलोक शाक्य का वजूद
आलोक शाक्य मैनपुरी जिले की भोगांव विधानसभा सीट से सपा के टिकट पर 2017 तक तीन बार लगातार विधायक रहे। इसके साथ ही मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के मंत्रिमंडल में भी राज्य मंत्री के रूप में शामिल रहे। इतना ही नहीं आलोक शाक्य के पिता एडवोकेट रामौतार शाक्य भी भोगांव विधानसभा सीट से दो बार विधायक रहे। 2022 में हुए विधानसभा चुनाव में भी भोगांव सीट से भाजपा विधायक रामनरेश अग्निहोत्री से उनका करीबी मुकाबला रहा। ऐसे में शाक्य वोट बैंक के साथ-साथ अन्य जातियों में भी आलोक शाक्य की पकड़ मजबूत है, जिसका लोकसभा चुनाव में सपा को लाभ मिलेगा।
सपा जिलाध्यक्ष आलोक शाक्य ने बताया कि समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय अध्यक्ष ने मुझे जो जिम्मेदारी सौंपी है, इसके लिए धन्यवाद देता हूं। सपा हर हाल में मैनपुरी लोकसभा सीट जीतेगी। जल्द ही प्रत्याशी की घोषणा भी कर दी जाएगी।