ट्रांस यमुना कॉलोनी निवासी सुनील कुमार शर्मा दो अगस्त को लापता हुए थे। पांच अगस्त को अजय उर्फ डकैत, उसकी पत्नी मोना, देवेश, योगेश और जयपाल के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था। सुनील की हत्या करके लाश को ट्रांसपोर्ट नगर की झाड़ियों में पोटली में बंद करके फेंका गया था।
ऑटो मोबाइल कंपनी के सेल्स ऑफिसर सुनील कुमार शर्मा की हत्या में फरार मुख्य आरोपी 20 हजार के इनामी अजय उर्फ डकैत को बुधवार को पुलिस ने लखनऊ एक्सप्रेस वे के कट से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि कर्ज चुकाने के लिए हत्याकांड को अंजाम दिया।
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हत्या के बाद सुनील के ही खाते से उसके ही पेटीएम में रकम ट्रांसफर करके खर्च कर रहा था। हत्या के बाद मध्य प्रदेश के जबलपुर भाग गया था। अब कहीं और भागने की तैयारी कर रहा था। ट्रांस यमुना कॉलोनी निवासी सुनील कुमार शर्मा दो अगस्त को लापता हुए थे।
पांच अगस्त को अजय उर्फ डकैत, उसकी पत्नी मोना, देवेश, योगेश और जयपाल के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था। सुनील की हत्या करके लाश को ट्रांसपोर्ट नगर की झाड़ियों में पोटली में बंद करके फेंका गया था। पुलिस ने आठ अगस्त को हत्याकांड का खुलासा करते हुए गांधी नगर निवासी मोना को जेल भेजा था। उसका पति अजय उर्फ डकैत फरार था। उसी ने पत्नी के साथ मिलकर हत्या की थी।
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एसएसपी मुनिराज जी. ने बताया कि बुधवार को सूचना मिली कि अजय लखनऊ एक्सप्रेस वे के कट पर खड़ा हुआ है। इस पर पुलिस टीम को भेजा गया। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। उसके पास से सुनील का मोबाइल, 15 हजार रुपये और दो सिम बरामद किए गए।
हत्या से पहले सेल्स ऑफिसर से ही सीखी नेटबैकिंग और पेटीएम चलाना
एसएसपी मुनिराज जी. ने बताया कि अजय से पूछताछ में हत्याकांड को लेकर कई जानकारी सामने आई। अजय ने बताया कि वह किराये पर ऑटो चलाता था। मगर, लॉकडाउन में ऑटो नहीं चल सका। घर चलाने के लिए उसने कर्ज लिया, जोकि बढ़ता चला गया। वह मकान किराये दिलाने और बिकवाने में दलाली करने लगा।
मगर, उससे कोई कर्ज नहीं चुक सका। पत्नी मोना घरों में काम करके गुजर बसर कर रही थी। मगर, कोई फायदा नहीं हो रहा था। वह अजय को दस साल से जानता था। सुनील मोबाइल से रुपये ट्रांसफर करता था। उसे लगता था कि उसके खाते में ज्यादा पैसा है। उसे लगा कि सुनील के खाते से रुपये निकालकर अपना कर्ज चुका देगा। इसलिए पहले सुनील से नेट बैंकिंग सीखी।
इसके बाद पेटीएम चलाना भी सीख लिया। सुनील के पूछने पर कहा कि पेटीएम से लेन-देन आसानी से कर सकूंगा। सुनील के खाते की जानकारी और पिन नंबर भी पूछ लिया। घटना वाले दिन बहाने से सुनील को अपने घर बुलाया। उसके सिर में लोहे की रॉड से प्रहार कर हत्या कर दी। मोना के साथ मिलकर शव को ठिकाने लगाया।
अजय का मोबाइल अपने साथ ले गया। उसने सुनील के खाते से 72 हजार रुपये उसके ही पेटीएम में डाले। वह मथुरा चला गया। वहां से जबलपुर भाग गया। वह पेटीएम से ही खर्च कर रहा था। वह दुकानदारों को बताता था कि पर्स चोरी हो गया है। रुपयों की जरूरत है। वह पेटीएम से रकम ट्रांसफर कर देगा। इस पर रकम ले लेता था। कई बार दुकानदार रकम कम करके भी देते थे।
परिवारीजनों का कहना है कि हत्या रंजिश में की गई है। पुलिस ने अभी मोना और अजय पर हत्या का आरोप लगाया है, जबकि उन्होंने तीन और लोगों को नामजद किया था। उनसे पुराना विवाद चल रहा था। मगर, पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। बुधवार को परिवार से मिलने पहुंचे कांग्रेस नेता प्रदीप चंसौलिया ने सुरक्षा दिलाने की मांग की।