टूरिस्ट सर्किट का हेरिटेज आर्क हो या गोल्डन ट्रांयगल, तीनों शहरों में सबसे ज्यादा सैलानी दुनिया के सातवें अजूबे ताजमहल के दीदार के लिए आगरा ही आते हैं, लेकिन सबसे कम फ्लाइट आगरा के लिए ही हैं। साल में छह महीने आगरा हवाई संपर्क से कटा रहता है। हेरिटेज आर्क के शहरों लखनऊ में 41 लाख पर्यटक पहुंचते हैं, जबकि 11 एयर लाइंस की दो दर्जन उड़ाने हर दिन होती हैं। इसी तरह वाराणसी में 47 लाख सैलानी पहुंचते हैं और 10 एयर लाइंस की 18 उड़ाने हर दिन आती हैं, लेकिन आगरा में यूपी टूरिज्म के आधिकारिक सरकारी आंकड़ों में 1.07 करोड़ पर्यटक पहुंचते हैं, जबकि फ्लाइट छह महीने में एक ही मिली है।
आगरा में खेरिया एयरपोर्ट पर अक्तूबर से मार्च के बीच एयर इंडिया की एक ही फ्लाइट एआई-406 आती है, जो सप्ताह में तीन ही दिन सोमवार, बुधवार और शनिवार चलती है। अप्रैल से सितंबर तक आगरा शिड्यूल्ड फ्लाइट से कटा रहता है। एविएशन कंपनियों से जब भी आगरा को मुंबई, दक्षिण भारत और पूर्वी भारत के कोलकाता या नेपाल के काठमांडू के पुराने रूट से जोड़ने की मांग की गई तो ट्रैफिक कम होने का जवाब दिया गया।
दिल्ली लॉबी के हावी होने के कारण आगरा के लिए फ्लाइट शुरू ही नहीं हो सकीं, जबकि प्रदेश के दोनों इंटरनेशनल एयरपोर्ट के मुकाबले आगरा कहीं ज्यादा एयर ट्रैफिक है। लखनऊ में 43 लाख भारतीय और मात्र 55 हजार विदेशी पर्यटक बीते साल पहुंचे, लेकिन लखनऊ एयरपोर्ट से 25.41 लाख यात्रियों ने उड़ान भरी। लखनऊ के मुकाबले आगरा में ढाई गुना भारतीय पर्यटक और 26 गुना विदेशी पर्यटक आए।
23 फीसदी एयर ट्रैफिक बढ़ रहा हर साल
वाराणसी के हवाई अड्डे को 4 अक्तूबर 2012 को इंटरनेशनल एयरपोर्ट का दर्जा दिया गया था। उसके बाद से ही वाराणसी में न केवल फ्लाइट्स की संख्या बढ़ी, बल्कि यात्रियों की तादात में जबरदस्त उछाल देखने को मिला। बीते साल 2014-15 में वाराणसी एयरपोर्ट से 10,19,973 यात्रियों ने हवाई यात्रा की। 23.4 फीसदी की बढ़ोतरी यात्रियों में हुई और करीब 8801 विमानों ने वाराणसी से उड़ान भरी। ये हाल तब है, जब वाराणसी में महज 2.45 लाख विदेशी पर्यटक और 44 लाख भारतीय पर्यटक आते हैं। आगरा के ताजमहल से तुलना करें तो वाराणसी में एक चौथाई विदेशी पर्यटक ही पहुंचते हैं।
आगरा की उड़ान रहती फुल
एयर इंडिया उड़ान संख्या एआई-406 को एक अक्तूबर से 31 मार्च तक टूरिस्ट सीजन के दौरान चलाती है। दिल्ली-वाराणसी-आगरा-खजुराहो की इस फ्लाइट से आगरा बड़ी तादात में पर्यटक आते हैं। फ्लाइट 80 फीसदी तक फुल रहती है। हवाई संपर्क से जुड़ने पर आगरा के जूता उद्योग, पर्यटन उद्योग और डीजल इंजन उद्योग के साथ फीरोजाबाद का कांच उद्योग, अलीगढ़ का ताला उद्योग और मथुरा का धार्मिक पर्यटन भी जुड़ेगा।
पर्यटन विभाग के आंकड़ों में आगरा
साल भारतीय विदेशी (लाख में)
2011 55.92 10.73
2012 76.15 13.43
2013 78.78 12.35
2014 84.18 11.83
2015 94.66 13.45
वाराणसी में आगरा से एक चौथाई विदेशी
साल भारतीय विदेशी (लाख में)
2011 44.66 2.45
2012 47.83 2.78
2013 49.66 2.85
2014 52.02 2.87
2015 54.13 3.02
आगरा में एक माह, लखनऊ में एक साल में उतने विदेशी
साल भारतीय विदेशी
2011 40.94 लाख 44,289
2012 41.50 लाख 46,255
2013 46.60 लाख 55,773
2014 48.83 लाख 58,015
2015 43.34 लाख 55,014