दीपोत्सव की शुरुआत के साथ ही आगरा की हवा बेहद खराब हो गई। दिनभर स्मॉग छाया रहा और संजय प्लेस में एक्यूआई 279 दर्ज किया गया, जो शहर के सभी निगरानी क्षेत्रों में सबसे अधिक रहा। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार शहर का औसत एक्यूआई 188 रहा। जाम में फंसे वाहनों के धुएं, निर्माण कार्य और धूल ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी।
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पंचोत्सव के पहले ही दिन पटाखे चले बिना शहर की हवा बेहद खराब हो गई। सुबह से रात तक स्मॉग की चादर छाई रही, जिससे सांस लेने में दिक्कत हुई। संजय प्लेस क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रदूषित रहा। यहां का एक्यूआई 279 तक पहुंच गया। अभी प्रदूषण और बढ़ने की आशंका है।
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धनतेरस पर दोपहर से ही शहर में लगभग हर सड़क पर जाम लगा। धूल और धुएं के गुबार के कारण जाम में फंसे लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं। पूरे दिन स्मॉग की चादर छाई रही। धुएं के गुबार सरीखी दृश्यता रही। पूरे दिन जाम में फंसे रहे वाहनों के कारण कार्बन तत्व हवा में मिल रहे हैं। टूटी सड़क, खुदाई, निर्माण कार्य में भी धूल कम करने के लिए छिड़काव होता नजर नहीं आया।
उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की लैब में शहर का ओवरऑल एक्यूआई 188 दर्ज हुआ है। इसमें संजय प्लेस क्षेत्र की हवा सबसे ज्यादा खराब रही। यहां एक्यूआई 279 रहा। हवा की यह खराब गुणवत्ता है। इसमें पीएम-2.5 का स्तर चार गुना तक पाया गया। इस साल यह सबसे ज्यादा प्रदूषित दिन रहा। अभी तक चार नवंबर को एक्यूआई अधिकतम 235 रहा था।