ताजनगरी की हवा फिर से बेहद खतरनाक हो गई। बुधवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 347 पर पहुंच गया। इसकी प्रमुख वजह धूल कणों का बढ़ जाना रही। ये सामान्य से आठ गुना रहे। पर्टिकुलेट मैटर 2.5 कणों की मात्रा 490 के उच्च स्तर तक पहुंच गई। इससे सांस रोगियों को तकलीफ हुई।
ताजनगरी में लगातार सीवर और पानी की पाइप लाइन डालने के लिए हो रही खोदाई से निकल रहे धूल के सूक्ष्म कणों की मात्रा में लगातार इजाफा हो रहा है। साथ ही कार्बन मोनोऑक्साइड की मात्रा सामान्य से 40 गुना ज्यादा रही। दोपहर में मोनोऑक्साइड सबसे ज्यादा दर्ज की गई, वहीं सल्फर डाईऑक्साइड की मात्रा सामान्य से दो गुना तक रही और यह रात 3 बजे सबसे ऊंचे स्तर पर दर्ज की गई।
समस्या: फतेहाबाद रोड, आईएसबीटी पर बढ़ा प्रदूषण
ताजनगरी में फतेहाबाद रोड और आईएसबीटी पर प्रदूषण की मात्रा में लगातार इजाफा हो रहा है। स्मार्ट सिटी के द्वारा यूटिलिटी डक्ट की खोदाई और फिर दीवार निर्माण के दौरान यहां सबसे ज्यादा प्रदूषण था, लेकिन बीते माह केंद्रीय शहरी विकास सचिव दुर्गाशंकर मिश्रा के आगरा दौरे में पानी से धुलाई और आनन फानन में सभी काम निपटा देने के कारण यहां प्रदूषण कम हुआ।
यह भी पढ़ें- पीएम मोदी के नाम अपनी सारी जमीन करना चाहती हैं 85 साल की 'अम्मा', भावुक करने वाली है वजह
अब मेट्रो द्वारा काम शुरू करने के लिए कवायद की जा रही है। रोड संकरा होने से साइट पटरी से वाहन निकल रहे हैं, जिससे धूल उड़ रही है। यही हाल आईएसबीटी के सामने का है, जहां पुल निर्माण शुरू किया गया है। यहां भी खोदाई शुरू की गई है। इन दोनों जगहों पर एक्यूआई 450 से ज्यादा चल रहा है।
अपने शहर की खबरों से अपडेट रहने के लिए पढ़ते रहिए amarujala.com । अमर उजाला आगरा के फेसबुक पेज को लाइक और फॉलो करने के लिए यहां क्लिक कर सकते हैं।